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Monday, November 24, 2025

Anant Raj Ltd's Q2 FY26 Earnings Surge: 23% YoY Revenue Growth Unpacked. अनंत राज लिमिटेड की Q2 FY26 कमाई में उछाल: 23% YoY राजस्व वृद्धि का विस्तृत विश्लेषण.

Anant Raj Ltd has delivered a strong performance in Q2 FY26, reporting a 23% year-on-year revenue growth to ₹630.79 crore and a 31% rise in profit after tax (PAT) to ₹138.18 crore. This surge is driven primarily by robust demand in its real estate segments including IT parks, commercial spaces, and residential projects across Delhi NCR, Haryana, Andhra Pradesh, and Rajasthan. The company's data center business is also growing steadily, contributing ₹35.47 crore in Q2 revenue with high EBITDA and PAT margins, indicating diversification and upgrading of its business model.

Founded in 1969 by Shri Ashok Sarin, a visionary with strong ethical values and real estate expertise, Anant Raj Ltd started as a clay products company and evolved into a significant real estate developer over decades. The company has delivered over 20 million square feet of projects including housing, commercial complexes, and SEZs, becoming a key player in North India's realty market.

The current stock price hovers around ₹570, with a market cap of over ₹20,000 crore and a price-to-earnings ratio near 41.7. While the company faces some valuation concerns due to high metrics and promoter holding changes, its growth trajectory looks promising.

Price predictions for Anant Raj Ltd show optimistic long-term growth: around ₹1,765 by 2026, ₹1,400–1,600 by 2030, and more bullish forecasts suggest prices reaching ₹5,692 to ₹8,757 by 2030 under favorable conditions. Extended predictions hint at further gains by 2035 and 2040 as the company capitalizes on real estate expansion and new ventures.

अनंत राज लिमिटेड ने Q2 FY26 में जोरदार प्रदर्शन किया है, जिसमें वर्ष-दर-वर्ष 23% की राजस्व वृद्धि हुई है और मुनाफा 31% बढ़कर ₹138.18 करोड़ पहुंच गया है। यह सफलता मुख्यतः दिल्ली NCR, हरियाणा, आंध्र प्रदेश और राजस्थान में आईटी पार्क, कॉमर्शियल स्पेस, और आवासीय परियोजनाओं की मजबूत मांग से मिली है। साथ ही, कंपनी का डेटा सेंटर व्यवसाय भी ₹35.47 करोड़ की आय के साथ तेजी से बढ़ रहा है, जो इसके व्यापार मॉडल की विविधता को दर्शाता है।

अनंत राज लिमिटेड की स्थापना 1969 में श्री अशोक सरीन ने की थी। कंपनी ने शुरू में क्ले प्रोडक्ट्स का व्यवसाय किया था और बाद में रियल एस्टेट क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई। इसने अब तक 20 मिलियन वर्ग फुट से अधिक परियोजनाएं पूरी की हैं, जिसमें मकान, वाणिज्यिक परिसर और विशेष आर्थिक क्षेत्र शामिल हैं, और यह उत्तर भारत के प्रमुख रियल एस्टेट डेवलपर्स में से एक बन गई है।

भविष्य के लिए, अनंत राज लिमिटेड के स्टॉक की कीमतों के अनुमान इस प्रकार हैं: 2026 तक लगभग ₹1,765, 2030 तक ₹1,400-1,600, और कुछ अनुकूल परिस्थितियों में 2030 तक ₹5,692 से ₹8,757 तक पहुंच सकती है। 2035 और 2040 में भी कंपनी की कीमतों में वृद्धि की संभावना है, क्योंकि यह रियल एस्टेट विस्तार और नए प्रोजेक्ट्स का लाभ उठाती रहेगी।





Wednesday, November 12, 2025

Vindhya Telelinks Q2 FY25: Rs 1867 Cr Revenue and Rs 37 Cr Optical Fibre Expansion. विंध्य टेलीलिंक्स Q2 FY25: 1867 करोड़ रुपये का राजस्व और 37 करोड़ रुपये का ऑप्टिकल फाइबर विस्तार।

Vindhya Telelinks Limited is a prominent company in the telecommunications cable manufacturing sector, established as a joint venture between Universal Cables Limited and Madhya Pradesh State Industrial Development Corporation Limited. The company began commercial production in 1986 at its Rewa (M.P.) plant, primarily manufacturing Jelly Filled Telephone Cables (JFTC). Over the years, Vindhya Telelinks has expanded its product range to include Optical Fiber Telecommunication Cables, serving major clients like BSNL, MTNL, Railways, Defence, and private telecom giants such as Bharti Airtel and Reliance.

The recent share price of Vindhya Telelinks hovers around Rs 1370 to Rs 1750, showcasing encouraging market performance with a market capitalization of approximately Rs 1624 crore. The company continues to grow with recent expansions in optical fiber manufacturing, indicating strong future prospects.

Vindhya Telelinks was founded by visionaries in the cable manufacturing industry, with leadership currently under Chairman Mr. Harsh V Lodha and Managing Director & CEO Mr. Y S Lodha.

Regarding future stock price predictions, market analysis and machine learning models forecast a positive growth trend. The share price is expected to reach approximately Rs 7,026 by 2030, around Rs 15,000 by 2035, and potentially cross Rs 30,000 by 2040, assuming favorable market conditions and consistent business growth.

In Hindi- 

विंध्य टेलीलिंक्स लिमिटेड एक प्रमुख टेलीकॉम केबल निर्माण कंपनी है, जिसे यूनिवर्सल केबल्स लिमिटेड और मध्य प्रदेश स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड के संयुक्त उद्यम के रूप में स्थापित किया गया था। कंपनी ने 1986 में रीवा (मध्य प्रदेश) स्थित अपने प्लांट में वाणिज्यिक उत्पादन शुरू किया था, जहां मुख्यतः जेले भरे टेलीफोन केबल (JFTC) का निर्माण होता है। वर्षों में, विंध्य टेलीलिंक्स ने ऑप्टिकल फाइबर टेलीकॉम केबल्स का भी उत्पादन शुरू किया और BSNL, MTNL, रेलवे, रक्षा और बीती टेलीकॉम कंपनियों जैसे भारती एयरटेल, रिलायंस इत्यादि को आपूर्ति कर रही है।

हाल ही में कंपनी का शेयर प्राइस लगभग ₹1370 से ₹1750 के बीच रहा है, और इसका मार्केट कैप लगभग ₹1624 करोड़ है। ऑप्टिकल फाइबर के क्षेत्र में विस्तार के साथ कंपनी के उज्जवल भविष्य के संकेत मिल रहे हैं।

विंध्य टेलीलिंक्स की स्थापना के पीछे के संस्थापक उन उद्योग के विशेषज्ञ थे, और वर्तमान में इसका नेतृत्व चेयरमैन श्री हर्ष वी लॉधा एवं प्रबंध निदेशक एवं CEO श्री वाई एस लॉधा के हाथों में है।

भविष्य के लिए शेयर प्राइस पूर्वानुमान यही दर्शाते हैं कि 2030 तक शेयर कीमत लगभग ₹7026, 2035 तक ₹15,000 और 2040 तक ₹30,000 से ऊपर पहुंच सकती है, बशर्ते बाज़ार और कंपनी की वृद्धि सकारात्मक बनी रहे।

Thursday, October 23, 2025

#CianAgroIndustries में भारी बिकवाली के चलते 5% की गिरावट, घाटे में बढ़ोतरी जारी.CIAN Agro Industries Tumbles 5% on Heavy Selling as Losses Mount

भारी बिकवाली के बीच सियान एग्रो इंडस्ट्रीज़ के शेयरों में 5% की गिरावटसियान एग्रो इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड के शेयरों में शुक्रवार को 5% की गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट निवेशकों द्वारा की गई भारी बिकवाली के कारण आई, जो कंपनी के कमजोर तिमाही नतीजों के बाद देखने को मिली।बाज़ार विश्लेषकों के अनुसार, कंपनी ने हाल ही की तिमाही में लगातार घाटा दर्ज किया है। कच्चे माल की बढ़ती कीमतें और घटती मांग ने कंपनी की लाभप्रदता पर दबाव डाला है।बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक, शेयर इंट्राडे कारोबार में ₹38.50 के निचले स्तर तक पहुंच गया। भारी ट्रेडिंग वॉल्यूम से यह संकेत मिलता है कि खुदरा और संस्थागत निवेशकों दोनों ने शेयरों की बिकवाली की।विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों का विश्वास वापस पाने के लिए कंपनी को लागत नियंत्रण और संचालन दक्षता बढ़ाने पर ध्यान देना होगा। एग्रो-प्रोसेसिंग सेक्टर में भी इस समय ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट और बाज़ार की बदलती स्थितियों से दबाव बना हुआ है।बाज़ार जानकारों का मानना है कि अगर कंपनी अगले तिमाही में अपने वित्तीय परिणामों में सुधार दिखाती है, तो शेयर की स्थिति स्थिर हो सकती है। फिलहाल, निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

In English-
Shares of CIAN Agro Industries Ltd fell by 5% on Friday after investors sold the stock heavily following weak quarterly results. The company’s performance has been under pressure due to a rise in raw material costs and declining demand in key product segments.According to market analysts, the company reported a continuing loss in the recent quarter, which disappointed investors. The rising input costs and reduced profitability have raised concerns about the company’s near-term outlook.Trading data from the Bombay Stock Exchange showed that the stock touched a low of ₹38.50 in intraday trade before recovering slightly. Heavy trading volumes indicated strong selling activity from both retail and institutional investors.Experts say that CIAN Agro must focus on cost control and improved operational efficiency to restore investor confidence. The agro-processing sector as a whole is also facing challenges due to higher transportation costs and changing market conditions.Market observers believe that if the company reports improvement in its financial performance in the next quarter, the stock may stabilize. For now, investors are advised to stay cautious.

Saturday, October 18, 2025

#WhirlpoolIndia के शेयरों में 11% की बढ़ोतरी हुई क्योंकि कंपनी ने अपनी मूल कंपनी के साथ रणनीतिक लाइसेंसिंग और सेवा समझौतों पर हस्ताक्षर किए।Whirlpool India shares surged 11% after strategic licensing and service agreements with its parent company.

व्हर्लपूल इंडिया के शेयरों में 11% की तेजी के पीछे मुख्य 5 सरल कारण निम्नलिखित हैं -

1) कंपनी ने अपनी मूल कंपनी Whirlpool Corporation के साथ 5 बड़े रणनीतिक समझौते किए — जिनमें ब्रांड, टेक्नोलॉजी, सेवाएं और आईपी (बौद्धिक संपत्ति) शामिल हैं।

2) 30 साल का ब्रांड लाइसेंस एग्रीमेंट मिला है, जिससे कंपनी को भारत और पड़ोसी देशों में ‘Whirlpool’ ब्रांड का विशेष उपयोग अधिकार मिल गया है।

3) Technology License Agreement से कंपनी को उन्नत तकनीकी ज्ञान और पेटेंटेड उत्पादों का उपयोग करने की अनुमति मिली है, जिससे नए उत्पाद बनाना आसान होगा।

4) Services और Transitional Services Agreement से कंपनी को हर साल तय न्यूनतम सर्विस चार्ज की गारंटी और व्यापार संचालन में स्थिर आय का आश्वासन मिला है।

5) बेहतर पारदर्शिता और स्वतंत्रता की संभावना ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया, खासकर क्योंकि अब कंपनी भविष्य में अधिक स्वायत्त होकर काम कर सकेगी और नई विकास योजनाओं पर ध्यान दे सकेगी।

Friday, October 17, 2025

#ShareIndia शेयर इंडिया सिक्योरिटीज़ के शेयर 20% चढ़ गए क्योंकि कंपनी ने 50 करोड़ रुपये के एनसीडी जारी करने को मंजूरी दी। इस कदम का उद्देश्य फंडिंग क्षमता बढ़ाना और व्यवसाय के विकास को समर्थन देना है।Share India Securities surged 20% after approving Rs 50 crore NCD issuance.The move aims to enhance funding capabilities and support business growth.

शेयर इंडिया सिक्योरिटीज़ लिमिटेड ने हाल ही में 50 करोड़ रुपये के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) जारी करने को मंजूरी दी है। इस खबर के बाद कंपनी के शेयरों में लगभग 20% की तेज़ उछाल देखने को मिली, जिससे निवेशकों के बीच सकारात्मक माहौल बन गया है।

क्या है एनसीडी (NCD) और क्यों जारी होती है?एनसीडी यानी नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर एक प्रकार का ऋणपत्र (डेब्ट सिक्योरिटी) होता है, जिसे कंपनी निवेशकों से पैसा जुटाने के लिए जारी करती है। ये डिबेंचर कंपनियों को व्यापार में विस्तार व अन्य जरूरतों के लिए फंड एकत्र करने का एक तरीका है।

इस इश्यू के मुख्य बिंदुकंपनी कुल 5,000 एनसीडी जारी करेगी, हर एक की फेस वैल्यू 1,00,000 रुपये है।इश्यू का कुल आकार 50 करोड़ रुपये रहेगा।इन एनसीडीज़ पर सालाना 10.5% कूपन (ब्याज) मिलेगा, जो निवेशकों को हर महीने मिलता रहेगा।इनका कार्यकाल/मियाद 712 दिन (लगभग 2 वर्ष) रखी गई है।एनसीडी की लिस्टिंग बीएसई के वृहद ऋण बाज़ार (डाउन मार्केट) में होगी।भुगतान में डिफॉल्ट होने पर (3 महीने से ज़्यादा) अतिरिक्त ब्याज (कूपन रेट पर 2% एक्स्ट्रा) वसूला जाएगा।रिडेम्पशन (धन वापसी) हर तिमाही में 12.5% फेस वैल्यू के हिसाब से चरणबद्ध की जाएगी।इन एनसीडी को प्रमोटर्स की निजी गारंटी व चुनिंदा परिसंपत्तियों (MTF लोन रिसीवेबल्स, ट्रेडिंग सिक्योरिटीज़ व अन्य वर्तमान और भविष्योन्मुखी परिसंपत्तियों) की सुरक्षा मिली है।

कंपनी की पृष्ठभूमि और रणनीतिशेयर इंडिया सिक्योरिटीज़ एक प्रसिद्ध फिनटेक ब्रोकरेज व वित्तीय सेवा कंपनी है जो एल्गो-ट्रेडिंग, खुदरा ब्रोकिंग, एनबीएफसी, म्यूचुअल फंड व इंश्योरेंस से संबंधित सेवाएं देती है। करीब 1.8 लाख ग्राहक इनकी सेवाओं का लाभ लेते हैं और भारत भर में इसके 369 कार्यालय हैं।फंड जुटाने (एनसीडी इश्यू) से कंपनी की पूंजी स्थिति मजबूत होगी, जिससे व्यापार में विस्तार, नए प्रोडक्ट्स व सेवाओं में निवेश, तथा मौजूदा बिजनेस की ग्रोथ में मदद मिलेगी। बोर्ड ने हाल ही में 300 करोड़ रुपये तक ऋण स्वरूप फंड एकत्र करने की मंजूरी दी है, जिसमें से यह पहला चरण है।हालिया कारोबारी प्रदर्शनकंपनी का शुद्ध लाभ Q1 FY26 में 84 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 18% कम है।परिचालन से कुल राजस्व भी पिछले साल के मुकाबले 18% घटकर 341 करोड़ रुपये रहा।



Thursday, October 16, 2025

#HBLEngineering में तेजी: केयर ने ‘A+’ रेटिंग बरकरार रखी, आउटलुक को ‘पॉजिटिव’ में अपग्रेड कियाHBL Engineering Gains Momentum: CARE Maintains 'A+' Rating, Upgrades Outlook to Positive

एचबीएल इंजीनियरिंग लिमिटेड (पूर्व में एचबीएल पावर सिस्टम्स) की क्रेडिट रेटिंग एजेंसी CARE Ratings Ltd. ने कंपनी की दीर्घकालिक बैंक सुविधाओं के लिए ‘A+’ रेटिंग बरकरार रखी है और आउटलुक को ‘स्थिर’ से बढ़ाकर ‘पॉजिटिव’ किया है । यह निर्णय कंपनी के हालिया वित्तीय प्रदर्शन में सुधार और भविष्य में मजबूत वृद्धि की संभावनाओं को देखते हुए लिया गया है।

वित्तीय प्रदर्शन में सुधारकंपनी ने वित्त वर्ष 2025 और 2026 की पहली तिमाही में लगभग 20% राजस्व वृद्धि दर्ज की, साथ ही स्वस्थ लाभांश मार्जिन बनाए रखे हैं। यह तेजी मुख्य रूप से रेलवे के कावच सिस्टम (Train Collision Avoidance System) के सप्लाई ऑर्डर्स की शुरुआत से आई है, जिन्हें चित्तरंजन लोकोमोटिव वर्क्स (CLW) को दिया जा रहा है। इसके अलावा, रक्षा और निर्यात क्षेत्रों से राजस्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

विविध उत्पाद पोर्टफोलियो और स्थिर नकदी प्रवाहएचबीएल इंजीनियरिंग का उत्पाद पोर्टफोलियो लीड-एसिड बैटरियां, निकल-कैडमियम बैटरियां, डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स, रेलवेज़ सिस्टम, और टेलीकॉम कंपोनेंट्स जैसे विविध क्षेत्रों को कवर करता है । इससे एक क्षेत्र में मंदी आने पर भी कंपनी को दूसरे क्षेत्रों से स्थिर आमदनी मिलती रहती है। कंपनी का कर्ज बेहद कम है और नकदी स्थिति मजबूत बनी हुई है।

कावच परियोजना और निर्यात से बढ़ी आयकंपनी को रेलवे सुरक्षा प्रणाली ‘कावच 4.0’ के सप्लाई और इंस्टॉलेशन के लिए बड़े ऑर्डर मिले हैं, जो आने वाले वर्षों में राजस्व वृद्धि की दृश्यता प्रदान करते हैं। साथ ही, रक्षा क्षेत्र के बैटरियों और निर्यात कारोबार से होने वाला लाभ कंपनी की कुल मुनाफाखोरी को बढ़ा रहा है।

प्रबंधन और भविष्य की रणनीतिकंपनी के चेयरमैन डॉ. ए.जे. प्रसाद ने 39वें वार्षिक आमसभा में बताया कि एचबीएल 2025-26 में ₹3000 करोड़ की बिक्री का लक्ष्य रख रही है । कंपनी रक्षा तकनीक, ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स, और कावच जैसे उच्च-तकनीकी समाधानों पर ध्यान दे रही है। लगातार अनुसंधान और विकास (R&D) निवेश से कंपनी को नए नवाचारों में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त हासिल है।

बीएलएस इंटरनेशनल के शेयर 13% तक उछले, क्योंकि कंपनी को चीन में भारतीय वीज़ा आवेदन केंद्र (IVACs) चलाने के लिए विदेश मंत्रालय (MEA) से 3 साल का नया कॉन्ट्रैक्ट मिला। #BLSInternational shares surged 13% after securing a 3-year MEA contract for IVACs in China.Despite being barred by MEA earlier, shares rose 12.4% to 313.15; stock down 35% YTD.

बीएलएस इंटरनेशनल के शेयरों में 13% की तेजी आने के पीछे कई अहम कारण हैं, जो साधारण भाषा में यहां समझाए गए हैं। सबसे बड़ा कारण है कंपनी को भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) की तरफ से चीन में भारतीय वीजा आवेदन केंद्र (IVACs) चलाने का तीन साल का नया कॉन्ट्रैक्ट मिलना। इससे कंपनी के कारोबार और कमाई में बढ़ोतरी की उम्मीद बढ़ गई है, इसलिए निवेशकों ने शेयर खरीदना शुरू किया, जिससे भाव उछल गए।सबसे अहम कारणMEA का ताज़ा कॉन्ट्रैक्ट
MEA द्वारा लंबे वक्त बाद कॉन्ट्रैक्ट मिलने से कंपनी का भरोसा और प्रतिष्ठा दोनों बढ़े हैं। इससे भविष्य में रेवन्यू और मुनाफा तेज़ी से बढ़ने की संभावना पैदा हुई।

पिछला प्रतिबंध हटना और भरोसा लौटना
BLS को पहले MEA ने दो साल के लिए सरकारी टेंडर में बैन किया था। ताज़ा कॉन्ट्रैक्ट इस बैन के बाद मिला है, जिससे Shareholders को यह संकेत मिला कि कंपनी अपने विवादों से बाहर निकल गई है और वापस ग्रोथ की राह पर है।
मौजूदा फायदे और उम्मीदें
इस नए ऑर्डर के आने से भविष्य में और ऑर्डर मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। वीज़ा सर्विसेज़ के लिए भारत सरकार के अंतरराष्ट्रीय कांट्रैक्ट कंपनी के लिए बड़े फायदे लेकर आते हैं, जिससे निवेशकों का रुझान शेयर की तरफ बढ़ता है।

शेयरों की चाल और जोखिमयद्यपि हाल में भाव में तेजी आई है, कंपनी का शेयर इस साल 35% नीचे चल रहा है। इसका मुख्य कारण था पूर्व में लगे प्रतिबंध, मार्केट में मंदी और निवेशकों का भरोसा कम होना। ताजा खबर ने कमज़ोर भाव को संभाला और अचानक बढ़त दी।
अन्य कारणकंपनी की वित्तीय स्थिति
BLS इंटरनेशनल की ताजा तिमाही में रेवन्यू और मुनाफा बढ़ा है, जो शेयर की मजबूती की ओर संकेत करता है।
मार्केट की सेंटिमेंट
नए सरकारी कॉन्ट्रैक्ट की खबर ने बाजार की धारणा को पॉजिटिव बना दिया, जिससे ट्रेडिंग वॉल्यूम भी बढ़ा।

क्या है आगे का जोखिम:
भले ही कॉन्ट्रैक्ट तगड़ा है, अगर कंपनी पुराने विवाद या सरकारी नीति में बदलाव दोबारा देखती है, तो इसमें गिरावट आ सकती है। इसलिए शेयर में लॉन्ग टर्म निवेश के पहले सभी पहलुओं की जांच जरूरी है.


Wednesday, October 15, 2025

#Nifty50 25,400 के ऊपर खुला; बीएसई #Sensex में 300 से अधिक अंकों की बढ़त, बाजार में तेजी का दौर जारीNifty50 Opens Above 25,400; BSE Sensex Up Over 300 Points As Market Rally Continues

भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार, 16 अक्टूबर 2025 को मजबूती के साथ शुरुआत की। निफ्टी50 25,400 के ऊपर खुला, जबकि बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 300 से अधिक अंक चढ़ा। सुबह 9:18 बजे निफ्टी50 लगभग 25,410.10 पर था, जो 87 अंकों या 0.34% की बढ़त दिखा रहा था, और सेंसेक्स 82,942.13 पर था, जिसमें 337 अंकों या 0.41% की तेजी देखी गई ।विशेषज्ञों के अनुसार, यह तेजी ग्लोबल स्तर पर सकारात्मक माहौल और अमेरिका में बांड प्रतिफल में गिरावट के कारण आई है, जिससे विदेशी निवेशक फिर से भारत जैसे उभरते बाजारों की ओर रुख कर रहे हैं ।अमेरिका-भारत व्यापार समझौते की संभावनाएं और कम महंगाई दर ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है । ऑटोमोबाइल, बैंकिंग और कंज्यूमर ड्यूरेबल क्षेत्रों में अच्छी मांग बनी हुई है, और ब्याज दरों में संभावित कटौती से इन सेक्टरों को आगे और सहयोग मिल सकता है। अर्थव्यवस्था की मजबूत स्थिति और विदेशी पूंजी प्रवाह से बाजार में यह तेजी जारी रहने की उम्मीद है ।

The Indian stock market opened on a strong note on Thursday, October 16, 2025. The Nifty50 started above the 25,400 mark, while the BSE Sensex gained more than 300 points in early trade. At 9:18 AM, Nifty50 was trading at around 25,410.10, up nearly 87 points or 0.34%, and the Sensex stood at 82,942.13, up 337 points or 0.41% .Experts say the rally is driven by global optimism and easing U.S. bond yields, which are encouraging foreign investors to shift towards emerging markets like India . The possibility of a U.S.-India trade deal and signs of lower inflation are also boosting investor sentiment .Sectors such as automobiles, banking, and consumer durables are seeing strong demand, with rate cuts likely to support further growth. Analysts believe this momentum may continue as India’s economic fundamentals remain robust, and foreign capital inflows strengthen market confidence .

Tuesday, October 14, 2025

#IREDA ने हरित विकास को गति दी: दूसरी तिमाही में राजस्व 26% बढ़ा, शुद्ध लाभ (PAT) में 42% की वृद्धि हुई, जबकि ऋण पोर्टफोलियो ₹84,477 करोड़ तक पहुँचा।#IREDA Accelerates Green Growth: Q2 Revenue Soars 26%, PAT Climbs 42% as Loan Portfolio Hits Rs 84,477 Cr

भारतीय अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण लिमिटेड (IREDA) ने दूसरी तिमाही (Q2) में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी का ध्यान हरित ऊर्जा परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने पर है, और इस बार की रिपोर्ट बताती है कि उसकी वृद्धि तेज़ी से हो रही है।दूसरी तिमाही में कंपनी का कुल राजस्व 26% बढ़कर ₹1,156 करोड़ पर पहुँच गया, जो पिछले वर्ष इसी अवधि में लगभग ₹918 करोड़ था। यह वृद्धि मुख्य रूप से बढ़ते ऋण वितरण और ब्याज से होने वाली आय में इजाफे के कारण हुई।शुद्ध लाभ (PAT) में भी शानदार उछाल आया है। पिछले साल की तुलना में PAT 42% बढ़कर ₹354 करोड़ हो गया, जबकि पिछले वर्ष यही आंकड़ा लगभग ₹249 करोड़ था। PAT का मतलब है कि सभी खर्चों, करों और ब्याज की कटौती के बाद कंपनी की कमाई।कंपनी का ऋण पोर्टफोलियो — यानी वह कुल राशि जो IREDA ने विभिन्न अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं को उधार के रूप में दी है — 16% बढ़कर ₹84,477 करोड़ हो गया। यह पिछले साल लगभग ₹72,850 करोड़ था। यह उछाल इस बात का संकेत है कि देश में सोलर, विंड और अन्य हरित ऊर्जा योजनाओं के लिए बड़े पैमाने पर निवेश हो रहा है।IREDA इस वित्तीय साल के बाकी महीनों में भी इसी गति से आगे बढ़ने की उम्मीद कर रही है। कंपनी का कहना है कि सरकार की हरित ऊर्जा नीतियों और प्रोत्साहन योजनाओं से उसे दीर्घकालिक फायदा मिलेगा, खासकर 2030 तक 500 GW अक्षय ऊर्जा लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए।
Indian Renewable Energy Development Agency Limited (IREDA) has posted solid financial results for the second quarter (Q2), showing strong progress in its mission to fund green energy projects across India.In Q2, the company’s total revenue rose by 26% to ₹1,156 crore, compared to about ₹918 crore in the same period last year. This growth came mainly from higher loan disbursements and increased interest income from green energy borrowers.Net Profit After Tax (PAT) also saw a sharp jump. PAT climbed 42% to ₹354 crore, up from approximately ₹249 crore last year. PAT represents the company’s earnings after subtracting all expenses, taxes, and interest costs.The loan portfolio — meaning the total amount of money IREDA has lent to renewable energy projects — grew 16% to ₹84,477 crore. Last year, it stood at roughly ₹72,850 crore. This rise indicates strong demand for financing in India’s solar, wind, and other clean energy segments.IREDA expects to continue this growth momentum over the remaining months of the financial year. The leadership believes that government incentives and supportive green energy policies will help maintain long-term expansion. With India’s target of achieving 500 GW of renewable energy capacity by 2030, agencies like IREDA are likely to play a key role in funding the transition.



Monday, October 13, 2025

मैनिक्सिया कोटेड मेटल्स की क्रेडिट रेटिंग ए/ए1 तक अपग्रेड की गई है, जो मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाती है। कंपनी की योजनाओं में 1,80,000 एमटीपीए क्षमता वृद्धि और सौर परियोजना शामिल है। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी की आय ₹789.7 करोड़ रही, जबकि लाभ ₹15.4 करोड़ रहा।Manaksia Coated Metals' credit rating upgraded to A/A1, reflecting strong financials. Plans include 180,000 MTPA capacity expansion, solar project; FY25 income at 789.7 Cr, profit ₹15.4 Cr.

मनक्सिया कोटेड मेटल्स एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड (Manaksia Coated Metals & Industries Ltd) की क्रेडिट रेटिंग हाल ही में एक्यूइटे रेटिंग्स एंड रिसर्च (Acuité Ratings & Research) द्वारा अपग्रेड की गई है। अब कंपनी की लॉन्ग टर्म रेटिंग A और शॉर्ट टर्म रेटिंग A1 हो गई है। इसका मुख्य कारण कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति, लगातार अच्छा प्रदर्शन और समझदारी से किया गया वित्तीय प्रबंधन है।वित्तीय प्रदर्शनकंपनी ने वित्त वर्ष 2025 में कुल ₹789.7 करोड़ की आय दर्ज की। EBITDA यानि ऑपरेशन से कमाई ₹63.01 करोड़ और शुद्ध लाभ (Net Profit) ₹15.4 करोड़ रहा। पिछले कुछ तिमाहियों में कंपनी की कमाई, लाभ और मुनाफे में शानदार वृद्धि देखने को मिली है। एक तिमाही में नेट सेल्स ₹249.8 करोड़ और शुद्ध लाभ ₹14 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले तेज़ बढ़त दिखाता है।विस्तार योजनाएंकंपनी अपने कारोबार का विस्तार करने जा रही है। इसके तहत एल्युमिनियम-जिंक तकनीक से जुड़ी नई क्षमताओं को जोड़कर कुल क्षमता 1,80,000 मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MTPA) तक बढ़ाई जाएगी। कंपनी एक नया 7 मेगावाट (MWp) कैप्टिव सोलर प्रोजेक्ट भी लगा रही है, जिससे ऊर्जा लागत घटेगी और पर्यावरण पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा। इसके अलावा Q4 FY26 तक दूसरी कलर कोटिंग लाइन शुरू करने की भी योजना है, जिससे हाई मार्जिन वाले उत्पादों का उत्पादन बढ़ेगा।कंपनी की रणनीतिकंपनी की आगे की नीति लगातार विस्तार, लागत में कमी, और प्रीमियम ग्लोबल बाज़ारों में अपनी पकड़ मजबूत करने पर केंद्रित है। निर्यात अब भी कंपनी के विकास का प्रमुख आधार है। दुनियाभर में मजबूत ऑर्डर बुक और संतुलित बैलेंस शीट के कारण कंपनी को भविष्य में भी निरंतर वृद्धि की उम्मीद है।रेटिंग अपग्रेड का फायदारेटिंग अपग्रेड होने से कंपनी के लिए पूंजी प्राप्त करना आसान होगा, ब्याज दरें घटेंगी और वित्तीय लचीलापन बढ़ेगा। इससे कंपनी अपनी विकास योजनाओं को तेजी से लागू कर पाएगी और कोटेड मेटल्स इंडस्ट्री में अपनी स्थिति और मजबूत बना सकेगी।
Manaksia Coated Metals & Industries Ltd has recently seen its external credit rating upgraded to ‘A’ for long-term and ‘A1’ for short-term borrowings by Acuité Ratings, underlining the company’s robust financials and prudent management. This rating improvement reflects a significant enhancement in the company’s financial risk profile, consistent operational efficiency, and strong liquidity positions. The company’s fiscal year 2025 (FY25) performance saw a total income of ₹789.7 crore, with a net profit of ₹15.4 crore, driven by resilient demand, cost discipline, and value-added product offerings.Capacity Expansion & Solar ProjectTo further capitalize on the growing coated metals market, Manaksia Coated Metals is investing in a substantial capacity expansion plan. The company aims to increase its manufacturing capacity by 180,000 metric tonnes per annum (MTPA), primarily focused on aluminium-zinc coated steel products. This expansion will enable it to meet both domestic and export demand, reinforce its position in value-added global segments, and enhance operating leverage. In addition to the capacity increase, the company is investing in a 7 MWp captive solar power project to ensure long-term cost efficiencies, supply reliability, and reduced environmental footprint. The project is expected to be operational within FY26, and is indicative of the company’s emphasis on sustainability and green manufacturing.Financial Strength & Operational PerformanceManaksia Coated Metals reported a robust operating margin, with EBITDA for FY25 standing at ₹63.01 crore. The company’s margin improvement was accomplished through increased product premiumization, better realizations, and disciplined cost management. With a strong balance sheet, low leverage, and healthy interest coverage, the company maintains significant financial flexibility to pursue both organic and inorganic growth.Outlook and StrategyManagement remains focused on expanding into premium and export-oriented markets, maintaining a diversified product mix, and leveraging technology upgrades for efficient operations. The recent rating upgrade will ease access to funding, lower borrowing costs, and empower the company’s ongoing expansion and sustainability initiatives. Overall, Manaksia Coated Metals is well-positioned for continued growth amid rising demand and favorable market dynamics.

Friday, October 10, 2025

हिंदुस्तान कॉपर के शेयरों में लगभग 6 प्रतिशत की गिरावट आई, जिससे यह प्रति शेयर 343.60 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था।#HindustanCopper shares were the top loser on the index, falling nearly 6 percent to trade at Rs 343.60 apiece.

हिंदुस्तान कॉपर के शेयर आज बाजार में सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयरों में रहे। शुक्रवार के कारोबार में यह शेयर लगभग 6 प्रतिशत गिरकर 343.60 रुपये प्रति शेयर के स्तर पर पहुंच गया। इस गिरावट के कारण कंपनी निवेशकों के ध्यान में आई क्योंकि यह टॉप लूज़र (Top Loser) बन गई।हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड एक सरकारी कंपनी है जो भारत में तांबा (कॉपर) के खनन और उत्पादन का काम करती है। कंपनी पूरी तरह से केंद्र सरकार के स्वामित्व में है और इसका नियंत्रण भारतीय खान मंत्रालय (Ministry of Mines) के पास है। तांबा एक महत्वपूर्ण धातु है जिसका इस्तेमाल बिजली, औद्योगिक मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, निर्माण कार्य और रक्षा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर किया जाता है। इसलिए हिंदुस्तान कॉपर का प्रदर्शन अक्सर औद्योगिक गतिविधियों और वैश्विक धातु कीमतों से जुड़ा होता है।पिछले कुछ हफ्तों में धातु सेक्टर के शेयरों पर दबाव देखा गया है। वैश्विक बाजारों में कॉपर की कीमतों में उठापटक और चीन जैसे बड़े उपभोक्ता देशों की धीमी आर्थिक वृद्धि की वजह से मांग कम हुई है। इन कारणों से निवेशक सतर्क हो गए हैं। इसके अलावा, कुछ हद तक मुनाफावसूली (Profit Booking) भी देखी गई क्योंकि हाल के महीनों में हिंदुस्तान कॉपर के शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया था और निवेशकों ने लाभ सुरक्षित करने के लिए बिक्री की।कंपनी के वित्तीय नतीजों पर भी बाजार की नजर बनी हुई है। अगर आगामी तिमाही के परिणाम उम्मीद से कमजोर आते हैं तो इससे और गिरावट हो सकती है। वहीं, लंबे समय के निवेशक इसे अवसर मान सकते हैं क्योंकि सरकार भारत में मेटल और माइनिंग सेक्टर को प्रोत्साहित कर रही है, खासकर “आत्मनिर्भर भारत” और “मेक इन इंडिया” जैसे अभियानों के तहत।तकनीकी दृष्टि से देखा जाए तो 340 रुपये के आसपास का स्तर इस शेयर के लिए एक महत्वपूर्ण समर्थन (support level) माना जा रहा है। अगर यह स्तर टूटता है, तो कीमतें आगे और नीचे जा सकती हैं। दूसरी ओर, अगर बाजार में सुधार आता है तो 355 से 360 रुपये के बीच प्रतिरोध (resistance) रह सकता है।

Saturday, October 4, 2025

हुरॉन होल्डिंग्स ने #Aegis लॉजिस्टिक्स के 10,000 शेयर हासिल किए, जिससे इसकी हिस्सेदारी 31.67% तक बढ़ गई। प्रमोटर समूह की होल्डिंग 58.1% पर है।Huron Holdings acquired 10,000 shares of #Aegis Logistics, raising its stake to 31.67%.Promoter group holding at 58.1%.

एगिस लॉजिस्टिक्स लिमिटेड भारत की एक प्रमुख कंपनी है। यह तेल, गैस और रसायनों की लॉजिस्टिक्स सेवाएं देती है। कंपनी का मुख्य काम तरल पदार्थों के भंडारण और हैंडलिंग का है। यह भारत में एलपीजी (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) के बड़े आयातकों और हैंडलरों में से एक है। कंपनी की स्थापना 1956 में हुई थी। इसमें करीब 1043 कर्मचारी काम करते हैं। एगिस लॉजिस्टिक्स बीएसई और एनएसई पर लिस्टेड है। यह तेल और गैस रिफाइनिंग व मार्केटिंग क्षेत्र में काम करती है। कंपनी के पास बल्क लिक्विड हैंडलिंग टर्मिनल्स का नेटवर्क है। यह रसायनों, तेल और गैस के क्षेत्र में लॉजिस्टिक्स और टर्मिनलिंग सेवाएं प्रदान करती है। 

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हुरॉन होल्डिंग्स लिमिटेड एक होल्डिंग कंपनी है। यह मॉरीशस से संचालित होती है। कंपनी का मुख्य काम कंपनियों का प्रबंधन और निवेश है। यह एगिस लॉजिस्टिक्स के प्रमोटर ग्रुप का हिस्सा है। हुरॉन होल्डिंग्स का एगिस में महत्वपूर्ण प्रभाव है। यह अन्य कंपनियों जैसे ट्रांस एशिया पेट्रोलियम इंक और एशिया इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट लिमिटेड के साथ मिलकर काम करती है। ये सभी प्रमोटर ग्रुप में शामिल हैं। हुरॉन होल्डिंग्स का मुख्यालय मॉरीशस में है और यह निवेश संबंधी निर्णय लेती है। 

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अब मुख्य खबर पर आते हैं। 26 सितंबर 2025 को हुरॉन होल्डिंग्स ने एगिस लॉजिस्टिक्स के 10,000 शेयर खरीदे। यह खरीद प्रमोटर्स के बीच इंटर-से ट्रांसफर के रूप में हुई, जो ऑफ-मार्केट थी। मतलब, यह शेयर बाजार के बाहर प्रमोटर ग्रुप के सदस्यों के बीच ट्रांसफर किया गया। शेयरों की कीमत 758.90 रुपये प्रति शेयर थी। कुल मूल्य 75.89 लाख रुपये था। यह कुल शेयर कैपिटल का 0.0028% है। 

इस खरीद से पहले हुरॉन होल्डिंग्स के पास 11,11,60,570 शेयर थे, जो 31.6697% हिस्सेदारी थी। एशिया इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट लिमिटेड के पास 10,000 शेयर थे। कुल प्रमोटर ग्रुप की होल्डिंग 20,39,24,675 शेयर (58.0982%) थी। खरीद के बाद हुरॉन की हिस्सेदारी बढ़कर 11,11,70,570 शेयर (31.6725%) हो गई। एशिया इंफ्रास्ट्रक्चर की हिस्सेदारी 0% हो गई। लेकिन कुल प्रमोटर ग्रुप की होल्डिंग वही 58.0982% रही, क्योंकि यह ग्रुप के अंदर ही ट्रांसफर था। 

bsmedia.business-standard.com
यह ट्रांसफर एसईबीआई (सब्स्टैंशियल एक्विजिशन ऑफ शेयर्स एंड टेकओवर्स) रेगुलेशंस, 2011 के तहत हुआ। इससे कंपनी में प्रमोटर्स का विश्वास दिखता है। चूंकि हिस्सेदारी ग्रुप के अंदर ही घूमी है, इसलिए कंपनी की कुल प्रमोटर होल्डिंग में कोई बदलाव नहीं आया। यह स्थिरता का संकेत है। निवेशकों के लिए यह सकारात्मक हो सकता है, क्योंकि मजबूत प्रमोटर होल्डिंग कंपनी को मजबूत बनाती है। जून 2025 में प्रमोटर होल्डिंग 58.10% थी, जो अब भी लगभग वही है। 

एगिस लॉजिस्टिक्स का शेयर बाजार में अच्छा प्रदर्शन रहा है। कंपनी ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ रही है। ऐसे ट्रांसफर से कंपनी की संरचना मजबूत होती है। अगर आप निवेशक हैं, तो हमेशा सलाहकार से बात करें। यह जानकारी सार्वजनिक घोषणाओं पर आधारित है। कुल मिलाकर, यह एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण ट्रांसफर है जो प्रमोटर ग्रुप की एकजुटता दिखाता है.

Thursday, October 2, 2025

नेटवेब टेक्नोलॉजीज के शेयर 13% उछलकर रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंचे, 6 महीने में 170% की तेजी! यहाँ कारण बताया गया है।#NetwebTechnologies shares surge 13% to record high, rally 170% in 6 months! Here's why?


नेटवेब टेक्नोलॉजीज इंडिया लिमिटेड, एक प्रमुख हाई-एंड कंप्यूटिंग सॉल्यूशंस प्रदाता, के शेयरों ने हाल ही में जबरदस्त प्रदर्शन किया है। 1 अक्टूबर 2025 को, कंपनी के शेयर एनएसई पर 13% की तेजी के साथ रिकॉर्ड 4,108 रुपये के स्तर पर पहुंच गए। यह उछाल पिछले एक महीने में 80% और छह महीनों में पूरे 170% की रैली का हिस्सा है। छोटे कैप स्टॉक के रूप में, नेटवेब का यह प्रदर्शन निवेशकों के बीच उत्साह पैदा कर रहा है, खासकर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और एआई के बढ़ते बाजार के बीच।इस तेजी के पीछे कई मजबूत कारण हैं। सबसे पहले, भारत की डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में संरचनात्मक बदलाव। सरकार की डेटा लोकलाइजेशन नीतियां और एआई अपनाने की दिशा में कदम छोटे व्यवसायों को बड़ा अवसर दे रही हैं। वेंचुरा सिक्योरिटीज के अनुसार, भारत का कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर बाजार FY28 तक तेजी से बढ़ेगा। एआई इंफ्रास्ट्रक्चर अकेले 29.5% की CAGR से बढ़कर 8,700 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा। प्राइवेट क्लाउड और हाइपरकन्वर्ज्ड इंफ्रास्ट्रक्चर (HCI) 28.5% CAGR पर 14,100 करोड़ रुपये का होगा, जबकि हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग (HPC) 8.2% बढ़कर 2,430 करोड़ रुपये का। नेटवेब जैसी कंपनियां इस विकास से सीधे लाभान्वित हो रही हैं।दूसरा प्रमुख कारक है कंपनी के हालिया बड़े ऑर्डर। 21 सितंबर 2025 को, नेटवेब ने 450 करोड़ रुपये का ऑर्डर हासिल किया, जिसमें इसके टायरॉन GPU-एक्सेलरेटेड सिस्टम्स का उपयोग एआई इंफ्रास्ट्रक्चर तैनात करने के लिए होगा। यह ऑर्डर FY25-26 तक पूरा होगा। इससे पहले, सितंबर की शुरुआत में कंपनी ने इंडिया एआई मिशन के तहत 1,734 करोड़ रुपये का अनुबंध जीता, जिसमें एनवीडिया-पावर्ड सर्वर सप्लाई शामिल है। ये ऑर्डर नेटवेब की टायरॉन कैमरारो एआई प्लेटफॉर्म के माध्यम से पूरे होंगे, जो बड़े पैमाने पर जेनरेटिव एआई, फाउंडेशनल मॉडल ट्रेनिंग और एक्सास्केल कंप्यूटिंग के लिए डिजाइन किया गया है। ये सौदे कंपनी की राजस्व और लाभ को बढ़ावा देंगे।तीसरा, मजबूत वित्तीय परिणाम। Q1 FY26 (जून 2025) में, नेटवेब का ऑपरेटिंग इनकम 101.7% YoY बढ़कर 301.21 करोड़ रुपये हो गया, जबकि प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 100% से अधिक उछलकर 30.5 करोड़ रुपये पर पहुंचा। यह वृद्धि एआई तकनीकों की मजबूत मांग और अनुशासित निष्पादन पर आधारित है। कंपनी नेट कैश पोजिशन में 47.5 करोड़ रुपये के साथ है, जो वित्तीय स्थिरता दर्शाता है। वेंचुरा के अनुमान से, नेटवेब का राजस्व 36.7% CAGR पर FY28 तक 2,938 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है, जिसमें एआई सिस्टम्स, एंटरप्राइज वर्कस्टेशन और क्लाउड सेवाओं की मांग प्रमुख होगी।इसके अलावा, तकनीकी संकेतक भी तेजी का समर्थन कर रहे हैं। शेयरों ने हाल के दिनों में भारी ट्रेडिंग वॉल्यूम देखे हैं, जिसमें 7.51 मिलियन इक्विटी शेयर (कुल इक्विटी का 13.25%) बदले गए। RSI 81.7 पर है, जो ओवरबॉट स्थिति दर्शाता है, लेकिन ADX 43 पर मजबूत ट्रेंड दिखा रहा है। ब्रेकआउट के बाद, 3,000 रुपये का स्तर अब सपोर्ट के रूप में काम कर रहा है।कंपनी की पृष्ठभूमि भी प्रभावशाली है। 1999 में स्थापित नेटवेब भारत का प्रमुख HCS प्रदाता है, जो सर्वर, वर्कस्टेशन, स्टोरेज, क्लाउड, HPC, एआई और बिग डेटा सॉल्यूशंस प्रदान करता है। इसके सुपरकंप्यूटर वैश्विक टॉप 500 रैंकिंग में 15 बार शामिल हो चुके हैं। प्रमोटर होल्डिंग 71% है, जो विश्वास बढ़ाता है।हालांकि, तेज रैली के बीच लाभ बुकिंग का जोखिम है, खासकर ओवरबॉट संकेतकों के कारण। फिर भी, लंबी अवधि में एआई और डिजिटल विकास की लहर नेटवेब को मजबूत बनाए रखेगी। निवेशक सतर्क रहें और फंडामेंटल्स पर नजर रखें।

Wednesday, September 24, 2025

प्रोसस रैपिडो/#Rapido में 3,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगा, जिससे उसकी हिस्सेदारी 15% हो जाएगी, स्विगी/#Swiggy के 12% हिस्सेदारी से बाहर निकलने के बाद।#Prosus to invest Rs 3,000 Cr in #Rapido, increasing stake to 15%, post #Swiggy's 12% stake exit

प्रोसस, एक बड़ा निवेशक समूह, रैपिडो में 3,000 करोड़ रुपये का निवेश करने जा रहा है। रैपिडो एक ऑनलाइन टैक्सी और बाइक सेवा कंपनी है। इस निवेश के बाद प्रोसस की रैपिडो में हिस्सेदारी 15% हो जाएगी। पहले, स्विगी, जो एक फूड डिलीवरी कंपनी है, के पास रैपिडो में 12% हिस्सेदारी थी, लेकिन अब स्विगी ने अपनी हिस्सेदारी बेच दी है। यह निवेश रैपिडो को और मजबूत करेगा, जिससे कंपनी अपनी सेवाओं को बेहतर कर सकेगी, जैसे कि अधिक शहरों में विस्तार, बेहतर तकनीक और ग्राहकों के लिए नई सुविधाएँ। प्रोसस का यह कदम दिखाता है कि वह रैपिडो के भविष्य में बहुत विश्वास रखता है। यह निवेश भारत के ऑनलाइन परिवहन क्षेत्र के लिए भी एक सकारात्मक संकेत है।

Sunday, September 14, 2025

राष्ट्रीय इंजीनियर्स दिवस हर साल 15 सितंबर को भारत के महान इंजीनियर सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती के सम्मान में मनाया जाता है।National Engineers' Day is celebrated every year on September 15 to honor the birth anniversary of Sir Mokshagundam Visvesvaraya, one of India's greatest engineers

राष्ट्रीय इंजीनियर्स दिवस प्रत्येक वर्ष 15 सितंबर को भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह दिन भारत के महान इंजीनियर और भारत रत्न से सम्मानित सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती के उपलक्ष्य में समर्पित है। सर विश्वेश्वरैया, जिन्हें आमतौर पर सर एम.वी. के नाम से जाना जाता है, ने अपने असाधारण योगदान और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियों के माध्यम से भारत के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस दिन को मनाने का उद्देश्य न केवल उनकी उपलब्धियों को याद करना है, बल्कि इंजीनियरिंग समुदाय को प्रेरित करना और उनके योगदान को देश के विकास में महत्वपूर्ण मानना है।सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया का जन्म 15 सितंबर, 1861 को कर्नाटक के चिक्कबल्लापुर जिले के मुददेनहल्ली गांव में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अपने गृहनगर में पूरी की और बाद में बैंगलोर के सेंट्रल कॉलेज से स्नातक की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद, उन्होंने पुणे के प्रतिष्ठित कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से सिविल इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की, जहां उन्होंने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। उनकी शिक्षा और समर्पण ने उन्हें भारत के सबसे प्रमुख इंजीनियरों में से एक बनाया।सर एम.वी. का सबसे उल्लेखनीय योगदान कृष्णराज सागर (केआरएस) बांध का निर्माण है, जो कर्नाटक के मांड्या जिले में स्थित है। इस बांध ने न केवल सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, बल्कि यह उस समय की इंजीनियरिंग की उत्कृष्टता का प्रतीक भी बना। उनके द्वारा डिजाइन की गई स्वचालित फ्लडगेट प्रणाली, जिसे 'विश्वेश्वरैया गेट' के नाम से जाना जाता है, एक क्रांतिकारी नवाचार था। इस प्रणाली ने बांधों के संचालन को और अधिक कुशल और सुरक्षित बनाया, जिसका उपयोग आज भी कई जल परियोजनाओं में किया जाता है।इसके अलावा, सर विश्वेश्वरैया ने हैदराबाद में मूसी नदी पर बाढ़ नियंत्रण प्रणाली, पुणे में खडकवासला बांध की मरम्मत, और ओडिशा में बाढ़ प्रबंधन जैसे कई अन्य महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स में योगदान दिया। उनके कार्यों ने न केवल भारत के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया, बल्कि लाखों लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में भी मदद की। उनकी दूरदर्शिता और तकनीकी कौशल ने उन्हें 'आधुनिक भारत के इंजीनियरिंग के जनक' का दर्जा दिलाया।सर विश्वेश्वरैया केवल एक इंजीनियर ही नहीं, बल्कि एक उत्कृष्ट प्रशासक और दूरदर्शी नेता भी थे। उन्होंने मैसूर रियासत के दीवान के रूप में कार्य किया और इस दौरान शिक्षा, उद्योग और बुनियादी ढांचे के विकास में कई सुधार किए। उनके प्रयासों से मैसूर में औद्योगीकरण को बढ़ावा मिला और कई शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना हुई।राष्ट्रीय इंजीनियर्स दिवस के अवसर पर, विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, इंजीनियरिंग संगठनों और सरकारी निकायों द्वारा सेमिनार, कार्यशालाएं और प्रदर्शनियां आयोजित की जाती हैं। यह दिन इंजीनियरों को उनकी कड़ी मेहनत और नवाचार के लिए सम्मानित करने का अवसर प्रदान करता है। साथ ही, यह युवा पीढ़ी को इंजीनियरिंग के क्षेत्र में करियर बनाने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित करता है। सर विश्वेश्वरैया का जीवन और कार्य आज भी हर इंजीनियर के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जो हमें यह सिखाता है कि समर्पण, नवाचार और कड़ी मेहनत से असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है।इस प्रकार, राष्ट्रीय इंजीनियर्स दिवस न केवल सर एम.वी. की विरासत को जीवित रखता है, बल्कि यह देश के विकास में इंजीनियरिंग के महत्व को भी रेखांकित करता है। यह दिन हमें यह याद दिलाता है कि इंजीनियरिंग केवल तकनीक का उपयोग नहीं है, बल्कि यह समाज को बेहतर बनाने का एक साधन है।

Monday, September 1, 2025

भारतीय शेयर बाजार में तेजी: सेंसेक्स, निफ्टी ने लगातार दूसरे दिन बढ़त हासिल कीIndian Stock Market Rallies: Sensex, Nifty Gain for Second Day


भारतीय शेयर बाजार ने लगातार दूसरे दिन तेजी दर्ज की, जिसमें सेंसेक्स और निफ्टी ने मजबूत प्रदर्शन किया। 1 सितंबर, 2025 को सेंसेक्स 554.84 अंक (0.70%) उछलकर 80,364.49 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 ने 198.20 अंक (0.81%) की बढ़त के साथ 24,625.05 पर कारोबार समाप्त किया। यह तेजी मजबूत आर्थिक आंकड़ों और कम अस्थिरता के कारण देखी गई। भारत की अर्थव्यवस्था ने अप्रैल-जून तिमाही में 7.8% की वृद्धि दर्ज की, जो रिजर्व बैंक के 6.5% के अनुमान से अधिक थी। इसके अलावा, एचएसबीसी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई अगस्त में 59.3 पर पहुंचा, जो जुलाई के 59.1 से बेहतर है, और यह औद्योगिक क्षेत्र की मजबूती को दर्शाता है।ऑटो, आईटी और मेटल जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई। महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स और ट्रेंट सेंसेक्स के शीर्ष लाभार्थी रहे, जबकि सन फार्मा और हिंदुस्तान यूनिलीवर जैसे शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। चीनी शेयरों ने भी बाजार को मिठास प्रदान की, क्योंकि कमोडिटी की कीमतों में सुधार और मांग में वृद्धि ने निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया। ग्लोबल संकेत भी सकारात्मक रहे, क्योंकि अमेरिकी बाजारों में तकनीकी क्षेत्र और एआई निवेश में तेजी देखी गई। हालांकि, कुछ विश्लेषकों ने चेतावनी दी कि निफ्टी के लिए 24,700 एक महत्वपूर्ण प्रतिरोध स्तर है, और इसके नीचे 24,300-24,350 पर समर्थन है। निवेशकों को सतर्क रहने और चुनिंदा स्टॉक चयन पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।

Thursday, August 28, 2025

पूर्व आरबीआई गवर्नर/Former RBI Governor उर्जित पटेल/Urjit Patrl को 3 साल के लिए आईएमएफ/IMF के कार्यकारी निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया।


पूर्व रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) गवर्नर उर्जित पटेल को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) में कार्यकारी निदेशक के रूप में तीन साल के लिए नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने 28 अगस्त 2025 को मंजूरी दी। पटेल, जो 2016 से 2018 तक आरबीआई के 24वें गवर्नर थे, ने रघुराम राजन का स्थान लिया था। उन्होंने दिसंबर 2018 में व्यक्तिगत कारणों का हवाला देकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जो 1990 के बाद किसी गवर्नर का पहला मध्यावधि इस्तीफा था। उनके कार्यकाल में मौद्रिक नीति, बैंकिंग सुधार और डिमोनेटाइजेशन जैसे महत्वपूर्ण कदम देखे गए।पटेल का आईएमएफ से पुराना नाता है; उन्होंने 1990-1995 तक वहां काम किया और 1996-97 में आरबीआई में डेपुटेशन पर थे, जहां उन्होंने ऋण बाजार और बैंकिंग सुधारों पर सलाह दी। उनकी शैक्षिक योग्यता में येल विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में पीएचडी, ऑक्सफोर्ड से एम.फिल और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से बीएससी शामिल है। वह भारत, बांग्लादेश, श्रीलंका और भूटान के प्रतिनिधि के रूप में आईएमएफ के कार्यकारी बोर्ड में काम करेंगे। यह नियुक्ति भारत की वैश्विक आर्थिक नीति में प्रभाव को मजबूत करेगी।

Wednesday, August 27, 2025

Indian Stock market holidays/शेयर बाजार की छुट्टियाँ एक वर्ष में

26 जनवरी  
होली - मार्च (तारीख बदलती रहती है)  
गुड फ्राइडे - अप्रैल (तारीख बदलती रहती है)  
राम नवमी - अप्रैल (तारीख बदलती रहती है)  
महावीर जयंती - अप्रैल (तारीख बदलती रहती है)  
ईद-उल-फितर - अप्रैल/मई (तारीख बदलती रहती है)  
स्वतंत्रता दिवस - 15 अगस्त  
गणेश चतुर्थी - अगस्त/सितंबर (तारीख बदलती रहती है)  
दशहरा - अक्टूबर (तारीख बदलती रहती है)  
दीपावली - अक्टूबर/नवंबर (तारीख बदलती रहती है)  
गुरु नानक जयंती - नवंबर (तारीख बदलती रहती है)  
क्रिसमस - 25 दिसंबर

नोट: तारीखें हिंदू और इस्लामी कैलेंडर के आधार पर बदलती हैं। कुछ छुट्टियाँ क्षेत्रीय हो सकती हैं। भारतीय शेयर बाजार (जैसे BSE और NSE) आमतौर पर इन दिनों बंद रहते हैं। सटीक तारीखों के लिए वार्षिक कैलेंडर की जाँच करें।




Monday, August 25, 2025

HDFC bonus shares/ बोनस शेयर क्या हैं?


बोनस शेयर वे अतिरिक्त शेयर होते हैं जो कंपनी अपने मौजूदा शेयरधारकों को बिना किसी अतिरिक्त लागत के देती है, आमतौर पर कंपनी के संचित मुनाफे या रिजर्व से। इन्हें एक निश्चित अनुपात में वितरित किया जाता है, उदाहरण के लिए, 1:1 का मतलब है प्रत्येक शेयर के लिए एक बोनस शेयर।निवेशकों के लिए लाभ:शेयरहोल्डिंग में वृद्धि: निवेशकों को बिना अतिरिक्त निवेश के अधिक शेयर मिलते हैं, जिससे उनकी कुल हिस्सेदारी बढ़ती है।
कोई अतिरिक्त लागत नहीं: बोनस शेयर मुफ्त होते हैं, इसलिए निवेशकों को बिना खर्च किए लाभ मिलता है।
संभावित लाभांश आय: अधिक शेयरों का मतलब है कि अगर कंपनी लाभांश देती है तो कुल लाभांश अधिक होगा।
बाजार की धारणा: बोनस शेयर जारी करना कंपनी के आत्मविश्वास का संकेत देता है, जिससे शेयर की कीमत बढ़ सकती है।
बेहतर तरलता: अधिक शेयरों से ट्रेडिंग में लचीलापन बढ़ सकता है।
कर लाभ: कुछ देशों में बोनस शेयर जारी होने पर कर-मुक्त होते हैं, नकद लाभांश के विपरीत।
हालांकि, निवेश का कुल मूल्य शुरू में वही रह सकता है, क्योंकि शेयर की कीमत बोनस इश्यू के अनुपात में समायोजित हो जाती है।

Thursday, August 21, 2025

असम/Assam बांग्लादेशी घुसपैठ/Bangladeshi infiltration को रोकने के लिए वयस्कों को आधार कार्ड/Aadhar card जारी करना बंद करेगा: सीएम हिमंत सरमा/ CM Hemanta Biswas Sarma



असम सरकार ने बांग्लादेशी घुसपैठ को रोकने के लिए 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को नया आधार कार्ड जारी करना बंद करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि यह कदम अवैध प्रवासियों को भारतीय नागरिकता प्राप्त करने से रोकने के लिए उठाया गया है। सितंबर में एक महीने का समय दिया जाएगा, जिसमें अन्य समुदायों के लोग आधार के लिए आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और चाय बागान श्रमिकों को एक वर्ष तक आधार कार्ड मिलेगा। दुर्लभ मामलों में, जिला आयुक्त सत्यापन के बाद ही आधार जारी करेंगे।