HCLTech और दुबई इस्लामिक बैंक ने जिम्मेदार एआई अपनाने के लिए की साझेदारीदुबई में चल रहे GITEX GLOBAL 2025 कार्यक्रम में, भारत की बड़ी आईटी कंपनी HCLTech और दुबई इस्लामिक बैंक (DIB) ने एक नई रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य इस्लामिक बैंकिंग में जिम्मेदार तरीके से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को अपनाना है।आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आज के समय की सबसे तेजी से बढ़ती तकनीकों में से एक है। दुनिया भर के बैंक और वित्तीय संस्थान अपने काम को और बेहतर बनाने के लिए इस तकनीक का उपयोग कर रहे हैं। लेकिन, इस तकनीक के इस्तेमाल में जवाबदेही और पारदर्शिता बहुत जरूरी है। इसी दिशा में HCLTech और दुबई इस्लामिक बैंक ने मिलकर यह पहल की है।इस साझेदारी के तहत, दोनों संस्थान एआई का उपयोग ग्राहक अनुभव में सुधार, डेटा सुरक्षा, जोखिम प्रबंधन और इस्लामिक वित्त के सिद्धांतों के अनुरूप समाधान तैयार करने में करेंगे। एआई के माध्यम से ग्राहकों को तेज़, सुरक्षित और व्यक्तिगत सेवाएं दी जा सकेंगी। साथ ही, यह बैंक को संचालन में अधिक दक्षता हासिल करने में मदद करेगा।HCLTech पहले से ही वित्तीय क्षेत्र में कई देशों के बैंकों के साथ काम कर रही है। कंपनी का कहना है कि जिम्मेदार एआई अपनाने के लिए नैतिक दिशा-निर्देशों का पालन करना जरूरी है ताकि एआई तकनीक का प्रयोग समाज के हित में हो। कंपनी का मकसद है कि हर परियोजना में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनी रहे।दुबई इस्लामिक बैंक, जो विश्व के प्रमुख इस्लामिक बैंकों में से एक है, अपने ग्राहकों को आधुनिक और शरिया-अनुकूल बैंकिंग सेवाएं देने के लिए नई तकनीकों का प्रयोग कर रहा है। बैंक का मानना है कि एआई के सहयोग से उनके ऑपरेशन्स अधिक तेज़, बुद्धिमान और ग्राहक-केंद्रित बनेंगे।GITEX GLOBAL एक ऐसा मंच है जहां दुनिया की प्रमुख तकनीकी कंपनियां और संस्थान नवीनतम नवाचारों को प्रदर्शित करते हैं। इस आयोजन में HCLTech और DIB की यह घोषणा बताती है कि तकनीक अब धार्मिक सिद्धांतों और नैतिक मूल्यों के तहत भी इस्तेमाल की जा सकती है।यह पहल न केवल इस्लामिक बैंकिंग के लिए, बल्कि वैश्विक वित्तीय जगत के लिए भी एक नया मानक स्थापित कर सकती है। यह साबित करता है कि तकनीक और नैतिकता साथ-साथ चल सकती हैं, और जिम्मेदार एआई भविष्य की सही दिशा है।