शेयर इंडिया सिक्योरिटीज़ लिमिटेड ने हाल ही में 50 करोड़ रुपये के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) जारी करने को मंजूरी दी है। इस खबर के बाद कंपनी के शेयरों में लगभग 20% की तेज़ उछाल देखने को मिली, जिससे निवेशकों के बीच सकारात्मक माहौल बन गया है।
क्या है एनसीडी (NCD) और क्यों जारी होती है?एनसीडी यानी नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर एक प्रकार का ऋणपत्र (डेब्ट सिक्योरिटी) होता है, जिसे कंपनी निवेशकों से पैसा जुटाने के लिए जारी करती है। ये डिबेंचर कंपनियों को व्यापार में विस्तार व अन्य जरूरतों के लिए फंड एकत्र करने का एक तरीका है।
इस इश्यू के मुख्य बिंदुकंपनी कुल 5,000 एनसीडी जारी करेगी, हर एक की फेस वैल्यू 1,00,000 रुपये है।इश्यू का कुल आकार 50 करोड़ रुपये रहेगा।इन एनसीडीज़ पर सालाना 10.5% कूपन (ब्याज) मिलेगा, जो निवेशकों को हर महीने मिलता रहेगा।इनका कार्यकाल/मियाद 712 दिन (लगभग 2 वर्ष) रखी गई है।एनसीडी की लिस्टिंग बीएसई के वृहद ऋण बाज़ार (डाउन मार्केट) में होगी।भुगतान में डिफॉल्ट होने पर (3 महीने से ज़्यादा) अतिरिक्त ब्याज (कूपन रेट पर 2% एक्स्ट्रा) वसूला जाएगा।रिडेम्पशन (धन वापसी) हर तिमाही में 12.5% फेस वैल्यू के हिसाब से चरणबद्ध की जाएगी।इन एनसीडी को प्रमोटर्स की निजी गारंटी व चुनिंदा परिसंपत्तियों (MTF लोन रिसीवेबल्स, ट्रेडिंग सिक्योरिटीज़ व अन्य वर्तमान और भविष्योन्मुखी परिसंपत्तियों) की सुरक्षा मिली है।
कंपनी की पृष्ठभूमि और रणनीतिशेयर इंडिया सिक्योरिटीज़ एक प्रसिद्ध फिनटेक ब्रोकरेज व वित्तीय सेवा कंपनी है जो एल्गो-ट्रेडिंग, खुदरा ब्रोकिंग, एनबीएफसी, म्यूचुअल फंड व इंश्योरेंस से संबंधित सेवाएं देती है। करीब 1.8 लाख ग्राहक इनकी सेवाओं का लाभ लेते हैं और भारत भर में इसके 369 कार्यालय हैं।फंड जुटाने (एनसीडी इश्यू) से कंपनी की पूंजी स्थिति मजबूत होगी, जिससे व्यापार में विस्तार, नए प्रोडक्ट्स व सेवाओं में निवेश, तथा मौजूदा बिजनेस की ग्रोथ में मदद मिलेगी। बोर्ड ने हाल ही में 300 करोड़ रुपये तक ऋण स्वरूप फंड एकत्र करने की मंजूरी दी है, जिसमें से यह पहला चरण है।हालिया कारोबारी प्रदर्शनकंपनी का शुद्ध लाभ Q1 FY26 में 84 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 18% कम है।परिचालन से कुल राजस्व भी पिछले साल के मुकाबले 18% घटकर 341 करोड़ रुपये रहा।
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