रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (RCPL) ने हाल ही में तमिलनाडु स्थित पर्सनल केयर ब्रांड वेल्वेट (Velvette) का अधिग्रहण किया है। वेल्वेट ब्रांड की शुरुआत 1980 में डॉ. सी के राजकुमार ने की थी। यह ब्रांड खासतौर पर छोटे पाउच (सैशे) में शैंपू पैकेजिंग की वजह से बहुत लोकप्रिय हुआ था। इस नवाचार ने भारतीय पर्सनल केयर FMCG क्षेत्र में बड़ी क्रांति लाई थी और आम आदमी के लिए गुणवत्ता वाले उत्पाद सुलभ बनाए थे। वेल्वेट ब्रांड का सपना था कि महंगे उत्पाद गरीब और मध्यम वर्ग भी खरीद सकें, जिसे ब्रांड ने सफलतापूर्वक पूरा किया।रिलायंस का उद्देश्य इस अधिग्रहण से पर्सनल केयर सेक्टर में अपनी उपस्थिति को और मजबूत करना है। शुरुआत में कंपनी वेल्वेट ब्रांड के तहत शैंपू लॉन्च करेगी, और धीरे-धीरे साबुन व अन्य पर्सनल केयर उत्पाद भी पेश किए जाएंगे। रिलायंस का जोर रहेगा कि ये उत्पाद गुणवत्ता में अच्छे हों और दाम में उचित रहें, जिससे सभी वर्ग के लोग इन्हें खरीद सकें।रिलायंस के सीओओ केतन मोदी ने बताया कि वेल्वेट ब्रांड का रिश्ता भारतीय उपभोक्ताओं के भरोसे और इनोवेशन से जुड़ा रहा है। अब कंपनी अपने मजबूत वितरण नेटवर्क, तकनीकी कौशल और उपभोक्ताओं की पसंद को ध्यान में रखते हुए वेल्वेट को आधुनिक रूप में पूरे देश में लाएगी। इस डील से रिलायंस कंज्यूमर के पोर्टफोलियो में नया रंग भर जाएगा और कम्पनी अपने प्रतिद्वन्द्वियों – HUL (हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड) व डाबर को सीधी टक्कर दे सकेगी।HUL और डाबर जैसे दिग्गजों की मौजूदगी के बावजूद रिलायंस इस सेगमेंट में आक्रामक नीति अपनाकर बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने की तैयारी में है। उनकी योजना है कि स्थानीय और विरासत ब्रांडों को नए अंदाज़ में पेश कर ग्राहकों का भरोसा जीता जाए। इससे भारतीय उपभोक्ताओं के लिए विकल्प बढ़ेंगे और प्रतिस्पर्धा से उत्पादों की गुणवत्ता भी बढ़ेगी।