भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) को झारखंड राज्य में वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए 92.5 करोड़ रुपये का वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) डिमांड नोटिस प्राप्त हुआ है। इस नोटिस में जीएसटी, ब्याज और जुर्माना शामिल है। हालांकि, कंपनी का कहना है कि इस डिमांड का उसके वित्तीय स्थिति पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ेगा। यह नोटिस झारखंड के जीएसटी अधिकारियों द्वारा जारी किया गया है, और इसमें कथित तौर पर कुछ कर-संबंधी अनुपालनों में कमी के आधार पर मांग उठाई गई है।एलआईसी, जो भारत की सबसे बड़ी बीमा कंपनी है, ने इस मांग के संबंध में स्पष्ट किया है कि वह इस मामले की समीक्षा कर रही है और उचित कानूनी कदम उठाएगी। कंपनी का मानना है कि इस डिमांड का समाधान मौजूदा नियमों और कानूनी प्रक्रियाओं के तहत संभव है। एलआईसी ने अपने निवेशकों और हितधारकों को आश्वस्त किया है कि इस नोटिस से उसकी वित्तीय स्थिरता पर कोई गंभीर असर नहीं होगा, क्योंकि कंपनी के पास मजबूत वित्तीय आधार और पर्याप्त तरलता है।यह डिमांड ऐसे समय में आई है, जब एलआईसी पहले से ही अपने कारोबार को और मजबूत करने के लिए डिजिटल परिवर्तन और ग्राहक-केंद्रित योजनाओं पर ध्यान दे रही है। कंपनी ने हाल के वर्षों में अपनी परिचालन दक्षता में सुधार किया है और बाजार में अपनी स्थिति को और सुदृढ़ किया है। इस नोटिस के बावजूद, एलआईसी का कहना है कि वह अपने ग्राहकों और निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।एलआईसी ने यह भी कहा कि वह जीएसटी अधिकारियों के साथ सहयोग कर रही है और इस मसले को जल्द से जल्द हल करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी। इस तरह के नोटिस बीमा और वित्तीय क्षेत्र में समय-समय पर सामने आते रहते हैं, और एलआईसी इसे नियमित प्रक्रिया का हिस्सा मान रही है। कंपनी का दावा है कि इस डिमांड का उसके दीर्घकालिक विकास और लाभप्रदता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।