नियामक मंजूरी और सकारात्मक खबरें: पेटीएम को हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से पेमेंट एग्रीगेटर के रूप में काम करने की सैद्धांतिक मंजूरी मिली है, जिसने निवेशकों का विश्वास बढ़ाया है। इसके अलावा, कंपनी ने पहली बार Q1 FY26 में 123 करोड़ रुपये का परिचालन लाभ (ऑपरेशनल प्रॉफिट) दर्ज किया, जिसने बाजार में सकारात्मक भावना पैदा की।
मजबूत वित्तीय प्रदर्शन: पेटीएम ने Q1 FY26 में 28% की साल-दर-साल राजस्व वृद्धि दर्ज की, जो 1,917 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इसके साथ ही, कंपनी ने लागत अनुकूलन (कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन) और कर्मचारी स्टॉक विकल्प (ESOP) लागत में 88% की कमी की, जिसने लाभप्रदता की दिशा में प्रगति को दर्शाया।
निवेशक विश्वास और ब्लॉक डील: हाल के ब्लॉक डील, विशेष रूप से चीनी निवेशक एंटफिन (Antfin) की हिस्सेदारी में कमी, ने नियामक चिंताओं को कम किया और स्वामित्व संरचना में स्पष्टता लाई। इससे निवेशकों का ध्यान कंपनी के मूलभूत विकास और भविष्य की वृद्धि की संभावनाओं पर केंद्रित हुआ, जिसने शेयर मूल्य को बढ़ावा दिया।