जैन रिसोर्स रीसाइक्लिंग का मानना है कि रिसाइक्लिंग अब एक विकल्प नहीं, बल्कि मजबूरी बन गई है, क्योंकि पर्यावरण को बचाने और टिकाऊ विकास के लिए पुराने धातुओं और सामग्रियों का पुनः उपयोग करना बेहद जरूरी हो गया है।कंपनी की पृष्ठभूमिजैन रिसोर्स रीसाइक्लिंग देश की अग्रणी नॉन-फेरस मेटल (जैसे कॉपर, लेड, एल्यूमिनियम) रीसाइक्लिंग कंपनी है। इसकी शुरुआत 2022 में हुई थी और इसके पास चेन्नई में तीन बड़े प्लांट हैं, जहां पुराना मेटल स्क्रैप प्रोसेस करके उपयोगी धातु में बदला जाता है। यह कंपनी ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, बैटरी और अन्य उद्योगों को सामग्री सप्लाई करती है। इसके ग्राहक भारत के अलावा जापान, चीन, कोरिया जैसे देशों में भी हैं।कंपनी का प्रदर्शनवित्त वर्ष 2025 में, कंपनी ने 7,162 करोड़ रुपये का राजस्व कमाया, जो पिछले साल की तुलना में 60% ज्यादा है। कंपनी का प्रॉफिट 223 करोड़ रुपये रहा, जो 36% की वृद्धि थी।आक्रामक विकास योजनायह कंपनी अपनी वैल्यू चेन को मजबूत करने के लिए नए उत्पाद जैसे कॉपर कैथोड, वायर रॉड और बसबार की प्रोडक्शन शुरू कर रही है। सोलर पैनल, गाड़ियों के टायर और कॉपर-एल्यूमिनियम रेडिएटर के खास रीसाइक्लिंग क्षेत्रों में भी विस्तार कर रही है, ताकि टिकाऊ विकास और बढ़ती मांग का पूरा फायदा उठा सके।आईपीओ और निवेशहाल ही में कंपनी का आईपीओ आया, जिसका साइज 1,250 करोड़ रुपये था। आईपीओ के पैसों से कंपनी अपनी उधारी कम करने और विस्तार के लिए नए प्लांट लगाने की योजना बना रही है। इसका शेयर बाजार में लिस्ट हुआ और प्राइस ने अच्छी ग्रोथ दिखाई।निष्कर्षजैन रिसोर्स रीसाइक्लिंग की योजना है कि रिसाइक्लिंग को मजबूरी मानकर, वह नए क्षेत्रों में प्रवेश करे और देश-विदेश में कारोबार बढ़ाए। इसी वजह से कंपनी ने अपने बिजनेस मॉडल और उत्पादों में विविधता लाई है ताकि टिकाऊ और आक्रामक विकास संभव बन सके