यह रैली दो प्रमुख कारणों से हुई। पहला, सरकार के वाहनों पर जीएसटी दरों में कटौती की उम्मीद, जो मांग को बढ़ा सकती है। दूसरा, चीन के विदेश मंत्री ने भारत को रेयर अर्थ मैग्नेट की आपूर्ति संबंधी चिंताओं को दूर करने का आश्वासन दिया, जो इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए महत्वपूर्ण हैं। चीन वैश्विक आपूर्ति का 90% नियंत्रित करता है, और इस आश्वासन से ऑटोमेकर्स को उत्पादन बाधाओं से राहत मिल सकती है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा।