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Wednesday, September 10, 2025

जुपिटर वैगन्स की सहायक कंपनी को रेलवे बोर्ड से 9,000 एलएचबी एक्सल्स के लिए एलओए प्राप्त हुआ है। यह ऑर्डर 113 करोड़ रुपये मूल्य का है।Jupiter Wagons' subsidiary received LOA from Railway Board for 9,000 LHB Axles. The order, valued at Rs. 113 crore.


जुपिटर वैगन्स लिमिटेड, जो देश की एक बड़ी वैगन और रेलवे उपकरण निर्माण कंपनी है, ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कंपनी की सहायक इकाई को रेलवे बोर्ड से एक बड़ा ऑर्डर प्राप्त हुआ है। इस ऑर्डर के तहत 9,000 एलएचबी एक्सल्स (LHB Axles) की आपूर्ति की जाएगी। इस अनुबंध का कुल मूल्य लगभग 113 करोड़ रुपये है। यह खबर कंपनी और इसके निवेशकों के लिए बहुत ही उत्साहजनक है क्योंकि इससे कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी और भविष्य में और भी बड़े अवसर मिल सकते हैं।

एलएचबी कोच भारतीय रेलवे के लिए आधुनिक और सुरक्षित माना जाता है। इन कोचों में इस्तेमाल होने वाले एक्सल, ट्रेन की मजबूती और सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में रेलवे बोर्ड का यह ऑर्डर दर्शाता है कि जुपिटर वैगन्स गुणवत्तापूर्ण उत्पाद मुहैया कराने में सक्षम है और रेलवे उसके काम पर भरोसा करता है।

यह ऑर्डर न केवल कंपनी के लिए लाभकारी रहेगा, बल्कि देश में मेक इन इंडिया अभियान को भी प्रोत्साहन देगा। बड़ी मात्रा में उत्पादन से स्थानीय स्तर पर रोज़गार के अवसर बढ़ेंगे और तकनीकी क्षमता में इज़ाफा होगा। साथ ही, इस तरह के अनुबंध विदेशी आयात पर निर्भरता कम करने में भी सहायक सिद्ध होते हैं।

इस ऑर्डर को समय पर और सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद कंपनी को भविष्य में रेलवे और अन्य औद्योगिक इकाइयों से और भी बड़े अनुबंध मिलने की उम्मीद है। इससे कंपनी की बाज़ार में साख काफी बढ़ेगी।

कुल मिलाकर, रेलवे बोर्ड से जुपिटर वैगन्स की सहायक कंपनी को मिला यह 9,000 एलएचबी एक्सल्स का 113 करोड़ रुपये.

Monday, September 8, 2025

पंजाब बाढ़ - सेना ने बाढ़ राहत कार्यों में तेज़ी लाईPunjab Flood- Army intensifies flood relief efforts


पंजाब में हाल ही में आई बाढ़ ने राज्य के लगभग 1900 गाँवों को प्रभावित किया है और 43 से अधिक लोगों की जान चली गई है। इस आपदा में लगभग 4 लाख एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई है, जिससे किसान और ग्रामीण जनता काफी प्रभावित हुई है। भारी बारिश, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर से आया अतिरिक्त पानी, और विभिन्न बाँधों से पानी छोड़े जाने के कारण, पंजाब में ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई, जो कई दशकों में सबसे खराब है।

सेना की राहत और बचाव कार्य
भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन राहत’ नामक अभियान के तहत राहत और पुनर्स्थापना कार्य तेज़ कर दिए हैं। सेना की पश्चिमी कमान ने अब तक 82 HADR मिशन किए हैं, जिसमें 59 आर्मी कॉलम और 17 इंजीनियर टास्क फोर्स तैनात की गई हैं। सेना के जवानों ने 6,000 से अधिक नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया है और 13,000 से अधिक लोगों को चिकित्सा सहायता दी है। हेलीकॉप्टरों का उपयोग करते हुए, ज़रूरी दवाइयां, पानी, और 48 टन राशन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुँचाया गया है।

राहत कार्यों का विस्तृत विवरण
सेना प्रशासन ने स्थानीय संगठनों जैसे NDRF और SDRF के साथ मिलकर लोगों के लिए भोजन, पानी, और मेडिकल सहायता उपलब्ध करवाई। सैनिकों ने रात-दिन काम करके बाँधों को मजबूत किया, टूटे पुलों की मरम्मत की, और प्रमुख सड़कों की बहाली की। प्रभावित क्षेत्रों में संचार व्यवस्था को बहाल करने के लिए ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाई गई।

चुनौतियाँ और सरकार का सहयोग
कृषि और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की आजीविका पर बुरी तरह असर पड़ा है। राज्य सरकार ने केंद्र से तुरंत राहत और वित्तीय सहायता की माँग की है। जिले के प्रशासन लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए लगातार जागरूक कर रहे हैं। एपेक्स प्रशासन बाढ़ नियंत्रण और जल स्तर निगरानी केंद्र बनाए गए हैं, ताकि बाढ़ की स्थिति पर तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके।

इस बाढ़ और राहत कार्यों में सेना की तत्परता, संगठन और समर्पण ने हज़ारों लोगों की जान बचाने और हालात सामान्य करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है