पूर्व रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) गवर्नर उर्जित पटेल को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) में कार्यकारी निदेशक के रूप में तीन साल के लिए नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने 28 अगस्त 2025 को मंजूरी दी। पटेल, जो 2016 से 2018 तक आरबीआई के 24वें गवर्नर थे, ने रघुराम राजन का स्थान लिया था। उन्होंने दिसंबर 2018 में व्यक्तिगत कारणों का हवाला देकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जो 1990 के बाद किसी गवर्नर का पहला मध्यावधि इस्तीफा था। उनके कार्यकाल में मौद्रिक नीति, बैंकिंग सुधार और डिमोनेटाइजेशन जैसे महत्वपूर्ण कदम देखे गए।पटेल का आईएमएफ से पुराना नाता है; उन्होंने 1990-1995 तक वहां काम किया और 1996-97 में आरबीआई में डेपुटेशन पर थे, जहां उन्होंने ऋण बाजार और बैंकिंग सुधारों पर सलाह दी। उनकी शैक्षिक योग्यता में येल विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में पीएचडी, ऑक्सफोर्ड से एम.फिल और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से बीएससी शामिल है। वह भारत, बांग्लादेश, श्रीलंका और भूटान के प्रतिनिधि के रूप में आईएमएफ के कार्यकारी बोर्ड में काम करेंगे। यह नियुक्ति भारत की वैश्विक आर्थिक नीति में प्रभाव को मजबूत करेगी।
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