एचबीएल इंजीनियरिंग लिमिटेड (पूर्व में एचबीएल पावर सिस्टम्स) की क्रेडिट रेटिंग एजेंसी CARE Ratings Ltd. ने कंपनी की दीर्घकालिक बैंक सुविधाओं के लिए ‘A+’ रेटिंग बरकरार रखी है और आउटलुक को ‘स्थिर’ से बढ़ाकर ‘पॉजिटिव’ किया है । यह निर्णय कंपनी के हालिया वित्तीय प्रदर्शन में सुधार और भविष्य में मजबूत वृद्धि की संभावनाओं को देखते हुए लिया गया है।
वित्तीय प्रदर्शन में सुधारकंपनी ने वित्त वर्ष 2025 और 2026 की पहली तिमाही में लगभग 20% राजस्व वृद्धि दर्ज की, साथ ही स्वस्थ लाभांश मार्जिन बनाए रखे हैं। यह तेजी मुख्य रूप से रेलवे के कावच सिस्टम (Train Collision Avoidance System) के सप्लाई ऑर्डर्स की शुरुआत से आई है, जिन्हें चित्तरंजन लोकोमोटिव वर्क्स (CLW) को दिया जा रहा है। इसके अलावा, रक्षा और निर्यात क्षेत्रों से राजस्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
विविध उत्पाद पोर्टफोलियो और स्थिर नकदी प्रवाहएचबीएल इंजीनियरिंग का उत्पाद पोर्टफोलियो लीड-एसिड बैटरियां, निकल-कैडमियम बैटरियां, डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स, रेलवेज़ सिस्टम, और टेलीकॉम कंपोनेंट्स जैसे विविध क्षेत्रों को कवर करता है । इससे एक क्षेत्र में मंदी आने पर भी कंपनी को दूसरे क्षेत्रों से स्थिर आमदनी मिलती रहती है। कंपनी का कर्ज बेहद कम है और नकदी स्थिति मजबूत बनी हुई है।
कावच परियोजना और निर्यात से बढ़ी आयकंपनी को रेलवे सुरक्षा प्रणाली ‘कावच 4.0’ के सप्लाई और इंस्टॉलेशन के लिए बड़े ऑर्डर मिले हैं, जो आने वाले वर्षों में राजस्व वृद्धि की दृश्यता प्रदान करते हैं। साथ ही, रक्षा क्षेत्र के बैटरियों और निर्यात कारोबार से होने वाला लाभ कंपनी की कुल मुनाफाखोरी को बढ़ा रहा है।
प्रबंधन और भविष्य की रणनीतिकंपनी के चेयरमैन डॉ. ए.जे. प्रसाद ने 39वें वार्षिक आमसभा में बताया कि एचबीएल 2025-26 में ₹3000 करोड़ की बिक्री का लक्ष्य रख रही है । कंपनी रक्षा तकनीक, ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स, और कावच जैसे उच्च-तकनीकी समाधानों पर ध्यान दे रही है। लगातार अनुसंधान और विकास (R&D) निवेश से कंपनी को नए नवाचारों में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त हासिल है।