वॉयस फिशिंग (विशिंग) क्या है?: वॉयस फिशिंग में धोखेबाज फोन कॉल के जरिए व्यक्तिगत जानकारी जैसे बैंक खाता विवरण या पासवर्ड चुराने की कोशिश करते हैं।
कैसे काम करता है?: धोखेबाज बैंक कर्मचारी, सरकारी अधिकारी या तकनीकी सहायता प्रदाता बनकर कॉल करते हैं और तत्काल कार्रवाई की मांग करते हैं।
जोखिम: कॉलर अक्सर डराने या लालच देने की रणनीति अपनाते हैं, जिससे लोग अपनी संवेदनशील जानकारी साझा कर देते हैं।
बचाव: अनजान नंबरों से कॉल पर व्यक्तिगत जानकारी न दें और कॉलर की पहचान सत्यापित करें।
एसएमएस फिशिंग (स्मिशिंग) क्या है?: यह एक धोखाधड़ी है जिसमें धोखेबाज टेक्स्ट मैसेज के जरिए निजी जानकारी चुराते हैं।
कैसे काम करता है?: आपको लिंक या नंबर पर क्लिक करने के लिए लुभावने ऑफर या चेतावनी भेजे जाते हैं, जो फर्जी वेबसाइट्स की ओर ले जाते हैं।
जोखिम: इन लिंक्स पर क्लिक करने से डिवाइस में मैलवेयर आ सकता है या बैंक खाते की जानकारी चोरी हो सकती है।
बचाव: अनजान लिंक्स पर क्लिक न करें और संदिग्ध मैसेज की जांच करें।
क्यूआर कोड घोटाला क्या है?: धोखेबाज फर्जी क्यूआर कोड के जरिए पैसे या डेटा चुराते हैं।
कैसे काम करता है?: ये कोड भुगतान या ऑफर के बहाने स्कैन करने को कहते हैं, जो फर्जी साइट्स या ऐप्स की ओर ले जाते हैं।
जोखिम: स्कैन करने से बैंक खाते खाली हो सकते हैं या व्यक्तिगत जानकारी चोरी हो सकती है।
बचाव: केवल विश्वसनीय स्रोतों के क्यूआर कोड स्कैन करें।
नकली ऋण/कैशबैक/नौकरी का प्रस्ताव क्या है?: यह लुभावने ऑफर के जरिए लोगों को ठगने का तरीका है।
कैसे काम करता है?: धोखेबाज कम ब्याज पर ऋण, कैशबैक या नौकरी का वादा करते हैं, लेकिन अग्रिम शुल्क मांगते हैं।
जोखिम: लोग पैसे या जानकारी दे देते हैं और बदले में कुछ नहीं मिलता।
बचाव: ऑफर की सत्यता जांचें और अग्रिम भुगतान से बचें।