RRP Semiconductor का शेयर 20 साल में करीब 54000% रिटर्न देने वाला मल्टीबैगर बन चुका है। इस शानदार बढ़त के पीछे कई मुख्य कारण रहे हैं, जिनकी वजह से ये स्टॉक इतनी ऊंचाई तक पहुंच पाया। नीचे सबसे सरल हिंदी भाषा में इसकी सफलता के सटीक कारण बताए गए हैं।जबरदस्त रफ्तार और फाइनेंशियल ग्रोथRRP Semiconductor के रेवेन्यू और मुनाफे में जबरदस्त तेजी आई है। कंपनी ने 2024-25 में अपनी बिक्री करीब 0.38 करोड़ से बढ़ाकर 31.59 करोड़ रुपये कर दी थी, यानी सौ गुने से भी ज्यादा बढ़ोत्तरी हुई। इसी के साथ कंपनी का मुनाफा भी जबरदस्त तरीके से बढ़ा और मार्जिन बहुत मजबूत रहा। मजबूत बिजनेस ग्रोथ ने निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया और शेयर में लगातार खरीदारी बढ़ती गई।इंडस्ट्री में बूम और सरकार का सपोर्टपिछले 20 सालों में भारत में सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में जबरदस्त बूम आया। इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल और ऑटो सेक्टर में तेज़ ग्रोथ के कारण सेमीकंडक्टर की डिमांड बहुत तेजी से बढ़ी। इसके अलावा, सरकार की प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) और सब्सिडी स्कीम्स ने RRP जैसी कंपनियों को अतिरिक्त फायदा पहुंचाया।स्ट्रॉन्ग सब्सिडियरी कंपनी और ग्लोबल डील्सRRP की सब्सिडियरी कंपनी ने यूरोपियन मार्केट को बड़ी डील दी थी, जिससे इसका भरोसा निवेशकों में और बढ़ गया। इसके अलावा कंपनी ने ASICs जैसी लेटेस्ट टेक्नोलॉजी पर फोकस किया, जिससे बिजनेस को नई ऊंचाई मिली।शेयर में लगातार अपर सर्किट और पब्लिसिटीबीते कई महीनों से इस शेयर में रोजाना अपर सर्किट लग रहा था। यानी इसमें हर दिन बहुत भारी डिमांड दिखी। मार्केट में इसकी चर्चा तेजी से फैली और कई नए निवेशक जुड़ते चले गए। इससे डिमांड-सप्लाई गैप बढ़ा और शेयर बहुत ऊपर चला गया।फेमस इन्वेस्टर्स की एंट्री और फेम फैक्टरकुछ बड़े इन्वेस्टर्स, जैसे कि क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर, ने भी इस कंपनी में निवेश किया। इससे भी ब्रांड वैल्यू और मार्केट का क्रेज़ बढ़ गया। निवेशकों को भरोसा मिला और शेयर में जबरदस्त तेजी बनी रही।