#Infosys/इंफोसिस, एक प्रमुख भारतीय आईटी कंपनी, ने हानेसब्रांड्स के साथ 10 साल का एक बड़ा अनुबंध किया है। हानेसब्रांड्स एक प्रसिद्ध अमेरिकी कंपनी है, जो कपड़े और अंडरगारमेंट्स बनाती है। इस सौदे का मुख्य उद्देश्य हानेसब्रांड्स के व्यवसाय को तकनीक के माध्यम से और अधिक कुशल और आधुनिक बनाना है। इस अनुबंध में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जो काम को तेज, स्मार्ट और प्रभावी बनाने में मदद करेगा।इस सौदे के तहत, इंफोसिस हानेसब्रांड्स को तकनीकी समाधान प्रदान करेगा, जैसे डेटा प्रबंधन, प्रक्रिया स्वचालन और डिजिटल सेवाएं। यह कंपनी को अपने ग्राहकों के लिए बेहतर उत्पाद और सेवाएं प्रदान करने में मदद करेगा। एआई तकनीक का उपयोग करके, इंफोसिस हानेसब्रांड्स के कामकाज को और सरल बनाएगा, जिससे समय और लागत की बचत होगी। साथ ही, यह उनके व्यवसाय को और अधिक नवीन और प्रतिस्पर्धी बनाएगा।यह अनुबंध इंफोसिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि यह दर्शाता है कि कंपनी वैश्विक स्तर पर कितनी विश्वसनीय है। हानेसब्रांड्स जैसे बड़े ब्रांड के साथ काम करने से इंफोसिस की प्रतिष्ठा और मजबूत होगी। यह सौदा दोनों कंपनियों के लिए फायदेमंद होगा, क्योंकि यह तकनीकी नवाचार और व्यवसाय वृद्धि को बढ़ावा देगा।इसके अलावा, यह सौदा भारत की आईटी इंडस्ट्री के लिए भी गर्व की बात है। इंफोसिस जैसे भारतीय ब्रांड वैश्विक कंपनियों के साथ मिलकर दुनिया भर में तकनीकी क्षेत्र में अपनी पहचान बना रहे हैं। अगले 10 सालों में, यह अनुबंध हानेसब्रांड्स को डिजिटल युग में आगे बढ़ने में मदद करेगा और इंफोसिस को अपनी तकनीकी विशेषज्ञता को और साबित करने का मौका देगा।
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Monday, September 22, 2025
Thursday, September 11, 2025
Infosys/इन्फोसिस ने ₹18,000 करोड़ के बायबैक की योजना बनाईइन्फोसिस ने 10 करोड़ शेयरों के लिए ₹1,800 प्रति शेयर की दर से बायबैक को मंजूरी दी, जो कुल चुकता पूंजी का 2.41% है।Infosys Plans ₹18,000 Cr BuybackInfosys approves ₹1,800/share buyback for 10 crore shares, covering 2.41% of paid-up capital.
इन्फोसिस, भारत की अग्रणी आईटी कंपनियों में से एक, ने ₹18,000 करोड़ के शेयर बायबैक योजना की घोषणा की है। इस योजना के तहत कंपनी ने ₹1,800 प्रति शेयर की दर से 10 करोड़ शेयरों को वापस खरीदने की मंजूरी दी है, जो कंपनी की कुल चुकता पूंजी का 2.41% हिस्सा है। यह कदम निवेशकों के लिए मूल्य सृजन और कंपनी की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।बायबैक का उद्देश्य कंपनी के अतिरिक्त नकदी भंडार का उपयोग करना और शेयरधारकों को लाभ पहुंचाना है। इन्फोसिस की मजबूत बैलेंस शीट और लगातार बढ़ते मुनाफे ने इस बड़े पैमाने पर बायबैक को संभव बनाया है। ₹1,800 प्रति शेयर की कीमत बाजार मूल्य से प्रीमियम पर है, जो निवेशकों के लिए आकर्षक हो सकती है। यह कदम शेयर की कीमत को समर्थन देने और प्रति शेयर आय (EPS) को बढ़ाने में मदद करेगा, क्योंकि बायबैक के बाद बकाया शेयरों की संख्या कम हो जाएगी।बायबैक से कंपनी की पूंजी संरचना को अनुकूलित करने और शेयरधारकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजन की उम्मीद है। यह निवेशकों के बीच कंपनी के प्रति विश्वास को दर्शाता है, जो यह संकेत देता है कि प्रबंधन को लगता है कि शेयर का वर्तमान मूल्यांकन इसके वास्तविक मूल्य से कम है। साथ ही, यह कदम बाजार में सकारात्मक संदेश भेजता है, जिससे शेयर की मांग बढ़ सकती है।हालांकि, बायबैक के दीर्घकालिक प्रभावों का विश्लेषण आवश्यक है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इतने बड़े पैमाने पर नकदी का उपयोग भविष्य के निवेश या अधिग्रहण के अवसरों को सीमित कर सकता है। फिर भी, इन्फोसिस की मजबूत नकदी स्थिति और परिचालन दक्षता को देखते हुए, यह निर्णय रणनीतिक रूप से सोचा-समझा प्रतीत होता है। कुल मिलाकर, यह बायबैक निवेशकों और बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है।
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