Wednesday, October 15, 2025

#Nifty50 25,400 के ऊपर खुला; बीएसई #Sensex में 300 से अधिक अंकों की बढ़त, बाजार में तेजी का दौर जारीNifty50 Opens Above 25,400; BSE Sensex Up Over 300 Points As Market Rally Continues

भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार, 16 अक्टूबर 2025 को मजबूती के साथ शुरुआत की। निफ्टी50 25,400 के ऊपर खुला, जबकि बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 300 से अधिक अंक चढ़ा। सुबह 9:18 बजे निफ्टी50 लगभग 25,410.10 पर था, जो 87 अंकों या 0.34% की बढ़त दिखा रहा था, और सेंसेक्स 82,942.13 पर था, जिसमें 337 अंकों या 0.41% की तेजी देखी गई ।विशेषज्ञों के अनुसार, यह तेजी ग्लोबल स्तर पर सकारात्मक माहौल और अमेरिका में बांड प्रतिफल में गिरावट के कारण आई है, जिससे विदेशी निवेशक फिर से भारत जैसे उभरते बाजारों की ओर रुख कर रहे हैं ।अमेरिका-भारत व्यापार समझौते की संभावनाएं और कम महंगाई दर ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है । ऑटोमोबाइल, बैंकिंग और कंज्यूमर ड्यूरेबल क्षेत्रों में अच्छी मांग बनी हुई है, और ब्याज दरों में संभावित कटौती से इन सेक्टरों को आगे और सहयोग मिल सकता है। अर्थव्यवस्था की मजबूत स्थिति और विदेशी पूंजी प्रवाह से बाजार में यह तेजी जारी रहने की उम्मीद है ।

The Indian stock market opened on a strong note on Thursday, October 16, 2025. The Nifty50 started above the 25,400 mark, while the BSE Sensex gained more than 300 points in early trade. At 9:18 AM, Nifty50 was trading at around 25,410.10, up nearly 87 points or 0.34%, and the Sensex stood at 82,942.13, up 337 points or 0.41% .Experts say the rally is driven by global optimism and easing U.S. bond yields, which are encouraging foreign investors to shift towards emerging markets like India . The possibility of a U.S.-India trade deal and signs of lower inflation are also boosting investor sentiment .Sectors such as automobiles, banking, and consumer durables are seeing strong demand, with rate cuts likely to support further growth. Analysts believe this momentum may continue as India’s economic fundamentals remain robust, and foreign capital inflows strengthen market confidence .

Tuesday, October 14, 2025

2025 में सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है, जिससे निवेशकों को लगभग 60% का रिटर्न मिला है और कई लोग इस बढ़ोतरी के पीछे के कारणों को लेकर सोच में पड़ गए हैं। #Gold prices have skyrocketed in 2025, delivering nearly 60% returns and leaving many investors wondering about the reasons driving the surge.

2025 में सोने की कीमतें 60% तक बढ़ गई हैं। इसके पीछे ये पांच मुख्य कारण हैं:
आर्थिक अनिश्चितता: दुनियाभर में आर्थिक मंदी, मंदी का डर और शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव होने से निवेशक सोने में पैसा लगा रहे हैं.
भू-राजनीतिक तनाव: रूस-यूक्रेन युद्ध, अमेरिका-चीन संबंधों में तनाव, और अन्य अंतरराष्ट्रीय विवादों ने निवेशकों को सोना चुनने पर मजबूर किया है.
महंगाई और मुद्रा की कमजोरी: महंगाई लगातार बढ़ रही है और डॉलर-रुपया कमजोर हुआ है, जिससे सोना निवेश के लिए सुरक्षित विकल्प बन गया है.
केंद्रीय बैंकों की खरीदारी: दुनियाभर के केंद्रीय बैंक बड़े पैमाने पर सोना खरीद रहे हैं, जिससे मांग और दाम दोनों बढ़ गए हैं.
ब्याज दरों में कटौती और निवेशकों की मांग: अमेरिका और अन्य देशों में ब्याज दरें घटाई जा रही हैं, जिससे सोने में निवेश आकर्षक हो गया है.

Gold prices have jumped 60% in 2025. The five main reasons are:
Economic uncertainty: Fear of recession and market ups-and-downs made investors put money into gold.
Geopolitical tensions: Wars and conflicts (like Russia-Ukraine, US-China) made people see gold as a safe choice.
Inflation & weak currency: Rising inflation and weaker US dollar/rupee made gold a good store of value.
Central bank buying: Central banks around the world are buying lots of gold, pushing up demand and price.
Interest rate cuts and demand: Lower interest rates have made gold more attractive for investors


#IREDA ने हरित विकास को गति दी: दूसरी तिमाही में राजस्व 26% बढ़ा, शुद्ध लाभ (PAT) में 42% की वृद्धि हुई, जबकि ऋण पोर्टफोलियो ₹84,477 करोड़ तक पहुँचा।#IREDA Accelerates Green Growth: Q2 Revenue Soars 26%, PAT Climbs 42% as Loan Portfolio Hits Rs 84,477 Cr

भारतीय अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण लिमिटेड (IREDA) ने दूसरी तिमाही (Q2) में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी का ध्यान हरित ऊर्जा परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने पर है, और इस बार की रिपोर्ट बताती है कि उसकी वृद्धि तेज़ी से हो रही है।दूसरी तिमाही में कंपनी का कुल राजस्व 26% बढ़कर ₹1,156 करोड़ पर पहुँच गया, जो पिछले वर्ष इसी अवधि में लगभग ₹918 करोड़ था। यह वृद्धि मुख्य रूप से बढ़ते ऋण वितरण और ब्याज से होने वाली आय में इजाफे के कारण हुई।शुद्ध लाभ (PAT) में भी शानदार उछाल आया है। पिछले साल की तुलना में PAT 42% बढ़कर ₹354 करोड़ हो गया, जबकि पिछले वर्ष यही आंकड़ा लगभग ₹249 करोड़ था। PAT का मतलब है कि सभी खर्चों, करों और ब्याज की कटौती के बाद कंपनी की कमाई।कंपनी का ऋण पोर्टफोलियो — यानी वह कुल राशि जो IREDA ने विभिन्न अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं को उधार के रूप में दी है — 16% बढ़कर ₹84,477 करोड़ हो गया। यह पिछले साल लगभग ₹72,850 करोड़ था। यह उछाल इस बात का संकेत है कि देश में सोलर, विंड और अन्य हरित ऊर्जा योजनाओं के लिए बड़े पैमाने पर निवेश हो रहा है।IREDA इस वित्तीय साल के बाकी महीनों में भी इसी गति से आगे बढ़ने की उम्मीद कर रही है। कंपनी का कहना है कि सरकार की हरित ऊर्जा नीतियों और प्रोत्साहन योजनाओं से उसे दीर्घकालिक फायदा मिलेगा, खासकर 2030 तक 500 GW अक्षय ऊर्जा लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए।
Indian Renewable Energy Development Agency Limited (IREDA) has posted solid financial results for the second quarter (Q2), showing strong progress in its mission to fund green energy projects across India.In Q2, the company’s total revenue rose by 26% to ₹1,156 crore, compared to about ₹918 crore in the same period last year. This growth came mainly from higher loan disbursements and increased interest income from green energy borrowers.Net Profit After Tax (PAT) also saw a sharp jump. PAT climbed 42% to ₹354 crore, up from approximately ₹249 crore last year. PAT represents the company’s earnings after subtracting all expenses, taxes, and interest costs.The loan portfolio — meaning the total amount of money IREDA has lent to renewable energy projects — grew 16% to ₹84,477 crore. Last year, it stood at roughly ₹72,850 crore. This rise indicates strong demand for financing in India’s solar, wind, and other clean energy segments.IREDA expects to continue this growth momentum over the remaining months of the financial year. The leadership believes that government incentives and supportive green energy policies will help maintain long-term expansion. With India’s target of achieving 500 GW of renewable energy capacity by 2030, agencies like IREDA are likely to play a key role in funding the transition.



Monday, October 13, 2025

MOSL retains Buy rating on #Swiggy with a target price of 550.It cites new offerings, better efficiency, and cost focus driving growth.एमओएसएल ने स्विगी पर ‘खरीद’ (Buy) रेटिंग बरकरार रखी है, और इसका लक्ष्य मूल्य 550 रुपये तय किया है।कंपनी का कहना है कि नई पेशकशें, बेहतर दक्षता, और लागत पर ध्यान स्विगी की विकास गति को बढ़ा रहे हैं।

Motilal Oswal (MOSL) ने स्विगी पर "Buy" रेटिंग कायम रखी है और इसका टारगेट प्राइस ₹550 निर्धारित किया है। MOSL का मानना है कि स्विगी की नई सर्विसेज़, बेहतर ऑपरेशन एफिशिएंसी, और लागत पर फोकस ने इसके ग्रोथ के अवसर मजबूत किए हैं। इंस्टामार्ट (क्विक कॉमर्स) में ऑर्डर वैल्यू (AOV) बढ़ रही है, जिससे कंपनी को लाभ मिलने की उम्मीद है। कंपनी ने अपनी इन्फ्रास्ट्रक्चर का सही इस्तेमाल करने, ऑपरेशनल खर्च घटाने और चुनिंदा नए डार्क स्टोर्स खोलने पर ध्यान दिया है, जिससे मार्जिन बढ़ सकता है और ब्रेकईवन जल्दी आ सकता है। MOSL ने यह भी बताया कि Eternal के 10-मिनट डिलीवरी बिज़नेस से बाहर होने की वजह से स्विगी को क्विक डिलीवरी बाजार में बढ़त मिली है।2025 की पहली तिमाही में, स्विगी को ₹1,197 करोड़ का घाटा हुआ, जो पिछले साल इसी तिमाही में ₹611 करोड़ था; हालाँकि, इस दौरान कंपनी की कुल आय ₹5,048 करोड़ हो गई, जो पहले ₹3,310 करोड़ थी। Instamart को एक नया, अलग डिवीजन बना दिया गया है ताकि क्विक कॉमर्स में और बेहतर संचालन और दीर्घकालिक रणनीति बन सके। स्विगी ने हाल ही में नई सेवाओं जैसे Bolt, Snacc, 99 Store और गिफ्ट डिलीवरी (Giftables) शुरू की हैं, जिससे उपयोगकर्ता आधार भी बढ़ रहा है। फिलहाल स्विगी का शेयर ₹434.50 पर चल रहा है, जो अपने इश्यू प्राइस से 15% ऊपर है, और मार्केट कैप ₹1.08 लाख करोड़ के पार है। कंपनी की लंबी अवधि की रणनीति लागत पर नियंत्रण और नई व बेहतर सेवाएं हैं जो इसे आगे मजबूती देंगी.In English:Motilal Oswal (MOSL) has maintained a "Buy" rating on Swiggy, setting a target price of ₹550. According to MOSL, Swiggy's growth outlook is strong due to new offerings, improved operational efficiency, and a persistent focus on cost management. The average order value (AOV) in Instamart (quick commerce) is rising, boosting growth visibility. The company is optimizing its existing infrastructure rather than rapidly expanding, aiming for better margins and a quicker path to breakeven. MOSL notes that Swiggy gained an edge in the quick delivery market after Eternal exited the 10-minute delivery segment.In Q1 FY2026, Swiggy reported a loss of ₹1,197 crore (compared to ₹611 crore year-on-year), but total income grew to ₹5,048 crore, up from ₹3,310 crore. Instamart has been separated as a subsidiary to enable more focused and efficient management in the quick commerce space. Swiggy has launched new services such as Bolt, Snacc, 99 Store, and instant gifting (Giftables), which are expanding its customer base. As of now, Swiggy’s share trades at ₹434.50, about 15% above its issue price, and the company’s market capitalization exceeds ₹1.08 lakh crore. Swiggy’s long-term strategy centers on cost control and innovative new services, positioning it for continued growth.

मैनिक्सिया कोटेड मेटल्स की क्रेडिट रेटिंग ए/ए1 तक अपग्रेड की गई है, जो मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाती है। कंपनी की योजनाओं में 1,80,000 एमटीपीए क्षमता वृद्धि और सौर परियोजना शामिल है। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी की आय ₹789.7 करोड़ रही, जबकि लाभ ₹15.4 करोड़ रहा।Manaksia Coated Metals' credit rating upgraded to A/A1, reflecting strong financials. Plans include 180,000 MTPA capacity expansion, solar project; FY25 income at 789.7 Cr, profit ₹15.4 Cr.

मनक्सिया कोटेड मेटल्स एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड (Manaksia Coated Metals & Industries Ltd) की क्रेडिट रेटिंग हाल ही में एक्यूइटे रेटिंग्स एंड रिसर्च (Acuité Ratings & Research) द्वारा अपग्रेड की गई है। अब कंपनी की लॉन्ग टर्म रेटिंग A और शॉर्ट टर्म रेटिंग A1 हो गई है। इसका मुख्य कारण कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति, लगातार अच्छा प्रदर्शन और समझदारी से किया गया वित्तीय प्रबंधन है।वित्तीय प्रदर्शनकंपनी ने वित्त वर्ष 2025 में कुल ₹789.7 करोड़ की आय दर्ज की। EBITDA यानि ऑपरेशन से कमाई ₹63.01 करोड़ और शुद्ध लाभ (Net Profit) ₹15.4 करोड़ रहा। पिछले कुछ तिमाहियों में कंपनी की कमाई, लाभ और मुनाफे में शानदार वृद्धि देखने को मिली है। एक तिमाही में नेट सेल्स ₹249.8 करोड़ और शुद्ध लाभ ₹14 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले तेज़ बढ़त दिखाता है।विस्तार योजनाएंकंपनी अपने कारोबार का विस्तार करने जा रही है। इसके तहत एल्युमिनियम-जिंक तकनीक से जुड़ी नई क्षमताओं को जोड़कर कुल क्षमता 1,80,000 मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MTPA) तक बढ़ाई जाएगी। कंपनी एक नया 7 मेगावाट (MWp) कैप्टिव सोलर प्रोजेक्ट भी लगा रही है, जिससे ऊर्जा लागत घटेगी और पर्यावरण पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा। इसके अलावा Q4 FY26 तक दूसरी कलर कोटिंग लाइन शुरू करने की भी योजना है, जिससे हाई मार्जिन वाले उत्पादों का उत्पादन बढ़ेगा।कंपनी की रणनीतिकंपनी की आगे की नीति लगातार विस्तार, लागत में कमी, और प्रीमियम ग्लोबल बाज़ारों में अपनी पकड़ मजबूत करने पर केंद्रित है। निर्यात अब भी कंपनी के विकास का प्रमुख आधार है। दुनियाभर में मजबूत ऑर्डर बुक और संतुलित बैलेंस शीट के कारण कंपनी को भविष्य में भी निरंतर वृद्धि की उम्मीद है।रेटिंग अपग्रेड का फायदारेटिंग अपग्रेड होने से कंपनी के लिए पूंजी प्राप्त करना आसान होगा, ब्याज दरें घटेंगी और वित्तीय लचीलापन बढ़ेगा। इससे कंपनी अपनी विकास योजनाओं को तेजी से लागू कर पाएगी और कोटेड मेटल्स इंडस्ट्री में अपनी स्थिति और मजबूत बना सकेगी।
Manaksia Coated Metals & Industries Ltd has recently seen its external credit rating upgraded to ‘A’ for long-term and ‘A1’ for short-term borrowings by Acuité Ratings, underlining the company’s robust financials and prudent management. This rating improvement reflects a significant enhancement in the company’s financial risk profile, consistent operational efficiency, and strong liquidity positions. The company’s fiscal year 2025 (FY25) performance saw a total income of ₹789.7 crore, with a net profit of ₹15.4 crore, driven by resilient demand, cost discipline, and value-added product offerings.Capacity Expansion & Solar ProjectTo further capitalize on the growing coated metals market, Manaksia Coated Metals is investing in a substantial capacity expansion plan. The company aims to increase its manufacturing capacity by 180,000 metric tonnes per annum (MTPA), primarily focused on aluminium-zinc coated steel products. This expansion will enable it to meet both domestic and export demand, reinforce its position in value-added global segments, and enhance operating leverage. In addition to the capacity increase, the company is investing in a 7 MWp captive solar power project to ensure long-term cost efficiencies, supply reliability, and reduced environmental footprint. The project is expected to be operational within FY26, and is indicative of the company’s emphasis on sustainability and green manufacturing.Financial Strength & Operational PerformanceManaksia Coated Metals reported a robust operating margin, with EBITDA for FY25 standing at ₹63.01 crore. The company’s margin improvement was accomplished through increased product premiumization, better realizations, and disciplined cost management. With a strong balance sheet, low leverage, and healthy interest coverage, the company maintains significant financial flexibility to pursue both organic and inorganic growth.Outlook and StrategyManagement remains focused on expanding into premium and export-oriented markets, maintaining a diversified product mix, and leveraging technology upgrades for efficient operations. The recent rating upgrade will ease access to funding, lower borrowing costs, and empower the company’s ongoing expansion and sustainability initiatives. Overall, Manaksia Coated Metals is well-positioned for continued growth amid rising demand and favorable market dynamics.

Saturday, October 11, 2025

#RRPSemiconductir (मल्टीबैगर स्टॉक): 20 वर्षों में 54000% रिटर्न।इस स्टॉक की सफलता के पीछे का जादू।RRP Semiconductor (Multibagger Stock): 54000% returns in 20 years.The magic behind the success of this stock.

RRP Semiconductor का शेयर 20 साल में करीब 54000% रिटर्न देने वाला मल्टीबैगर बन चुका है। इस शानदार बढ़त के पीछे कई मुख्य कारण रहे हैं, जिनकी वजह से ये स्टॉक इतनी ऊंचाई तक पहुंच पाया। नीचे सबसे सरल हिंदी भाषा में इसकी सफलता के सटीक कारण बताए गए हैं।जबरदस्त रफ्तार और फाइनेंशियल ग्रोथRRP Semiconductor के रेवेन्यू और मुनाफे में जबरदस्त तेजी आई है। कंपनी ने 2024-25 में अपनी बिक्री करीब 0.38 करोड़ से बढ़ाकर 31.59 करोड़ रुपये कर दी थी, यानी सौ गुने से भी ज्यादा बढ़ोत्तरी हुई। इसी के साथ कंपनी का मुनाफा भी जबरदस्त तरीके से बढ़ा और मार्जिन बहुत मजबूत रहा। मजबूत बिजनेस ग्रोथ ने निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया और शेयर में लगातार खरीदारी बढ़ती गई।इंडस्ट्री में बूम और सरकार का सपोर्टपिछले 20 सालों में भारत में सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में जबरदस्त बूम आया। इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल और ऑटो सेक्टर में तेज़ ग्रोथ के कारण सेमीकंडक्टर की डिमांड बहुत तेजी से बढ़ी। इसके अलावा, सरकार की प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) और सब्सिडी स्कीम्स ने RRP जैसी कंपनियों को अतिरिक्त फायदा पहुंचाया।स्ट्रॉन्ग सब्सिडियरी कंपनी और ग्लोबल डील्सRRP की सब्सिडियरी कंपनी ने यूरोपियन मार्केट को बड़ी डील दी थी, जिससे इसका भरोसा निवेशकों में और बढ़ गया। इसके अलावा कंपनी ने ASICs जैसी लेटेस्ट टेक्नोलॉजी पर फोकस किया, जिससे बिजनेस को नई ऊंचाई मिली।शेयर में लगातार अपर सर्किट और पब्लिसिटीबीते कई महीनों से इस शेयर में रोजाना अपर सर्किट लग रहा था। यानी इसमें हर दिन बहुत भारी डिमांड दिखी। मार्केट में इसकी चर्चा तेजी से फैली और कई नए निवेशक जुड़ते चले गए। इससे डिमांड-सप्लाई गैप बढ़ा और शेयर बहुत ऊपर चला गया।फेमस इन्वेस्टर्स की एंट्री और फेम फैक्टरकुछ बड़े इन्वेस्टर्स, जैसे कि क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर, ने भी इस कंपनी में निवेश किया। इससे भी ब्रांड वैल्यू और मार्केट का क्रेज़ बढ़ गया। निवेशकों को भरोसा मिला और शेयर में जबरदस्त तेजी बनी रही।

Redington का शेयर आज लगभग 8% बढ़ाRedington share price surge 8%. Why? Reasons

Redington का शेयर आज लगभग 8% बढ़ा, इसके पीछे मुख्य कारण iPhone 17 की मजबूत मांग, कंपनी का Apple के साथ वितरण और लॉजिस्टिक्स साझेदारी, हाल में आई सकारात्मक तकनीकी संकेत (जैसे bullish EMA और MACD crossover), छोटे कैप शेयरों का बाजार में तेजी से नेतृत्व करना, और बाजार में चार दिनों की गिरावट के बाद ट्रेंड रिवर्सल है.प्रमुख कारणApple iPhone 17 की भारत में डिमांड बढ़ने से Redington को सप्लाई चेन पार्टनर के रूप में लाभ मिला.शेयर तकनीकी रूप से सभी प्रमुख moving averages के ऊपर ट्रेंड कर रहा है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा.हाल की गिरावट के बाद बाजार में तेज तेजी आई, जिसमें छोटे कैप शेयरों ने नेतृत्व किया.iPhone 17 की बिक्री के समय भारी ट्रेडिंग वॉल्यूम और ब्लॉक डील्स ने भी शेयर में जोश बढ़ाया.अंग्रेज़ी से हिन्दी शब्द दर शब्द अनुवादRedington share price surge 8%. Why? ReasonsRedington का शेयर मूल्य 8% बढ़ा। क्यों? कारणApple iPhone 17 की भारत में मजबूत मांग से लाभ.कंपनी Apple के साथ वितरण साझेदार है.तकनीकी संकेतक (EMA, MACD) से तेजी दिखी.छोटे कैप शेयरों ने बाजार में तेजी से नेतृत्व किया.चार दिन की गिरावट के बाद ट्रेंड रिवर्सल हुआ.भारी ट्रेडिंग वॉल्यूम और ब्लॉक डील्स से शेयर में तेजी.

Friday, October 10, 2025

हिंदुस्तान कॉपर के शेयरों में लगभग 6 प्रतिशत की गिरावट आई, जिससे यह प्रति शेयर 343.60 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था।#HindustanCopper shares were the top loser on the index, falling nearly 6 percent to trade at Rs 343.60 apiece.

हिंदुस्तान कॉपर के शेयर आज बाजार में सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयरों में रहे। शुक्रवार के कारोबार में यह शेयर लगभग 6 प्रतिशत गिरकर 343.60 रुपये प्रति शेयर के स्तर पर पहुंच गया। इस गिरावट के कारण कंपनी निवेशकों के ध्यान में आई क्योंकि यह टॉप लूज़र (Top Loser) बन गई।हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड एक सरकारी कंपनी है जो भारत में तांबा (कॉपर) के खनन और उत्पादन का काम करती है। कंपनी पूरी तरह से केंद्र सरकार के स्वामित्व में है और इसका नियंत्रण भारतीय खान मंत्रालय (Ministry of Mines) के पास है। तांबा एक महत्वपूर्ण धातु है जिसका इस्तेमाल बिजली, औद्योगिक मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, निर्माण कार्य और रक्षा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर किया जाता है। इसलिए हिंदुस्तान कॉपर का प्रदर्शन अक्सर औद्योगिक गतिविधियों और वैश्विक धातु कीमतों से जुड़ा होता है।पिछले कुछ हफ्तों में धातु सेक्टर के शेयरों पर दबाव देखा गया है। वैश्विक बाजारों में कॉपर की कीमतों में उठापटक और चीन जैसे बड़े उपभोक्ता देशों की धीमी आर्थिक वृद्धि की वजह से मांग कम हुई है। इन कारणों से निवेशक सतर्क हो गए हैं। इसके अलावा, कुछ हद तक मुनाफावसूली (Profit Booking) भी देखी गई क्योंकि हाल के महीनों में हिंदुस्तान कॉपर के शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया था और निवेशकों ने लाभ सुरक्षित करने के लिए बिक्री की।कंपनी के वित्तीय नतीजों पर भी बाजार की नजर बनी हुई है। अगर आगामी तिमाही के परिणाम उम्मीद से कमजोर आते हैं तो इससे और गिरावट हो सकती है। वहीं, लंबे समय के निवेशक इसे अवसर मान सकते हैं क्योंकि सरकार भारत में मेटल और माइनिंग सेक्टर को प्रोत्साहित कर रही है, खासकर “आत्मनिर्भर भारत” और “मेक इन इंडिया” जैसे अभियानों के तहत।तकनीकी दृष्टि से देखा जाए तो 340 रुपये के आसपास का स्तर इस शेयर के लिए एक महत्वपूर्ण समर्थन (support level) माना जा रहा है। अगर यह स्तर टूटता है, तो कीमतें आगे और नीचे जा सकती हैं। दूसरी ओर, अगर बाजार में सुधार आता है तो 355 से 360 रुपये के बीच प्रतिरोध (resistance) रह सकता है।

Thursday, October 9, 2025

रिलायंस कंज्यूमर ने वेल्वेट ब्रांड को फिर से लॉन्च कर व्यक्तिगत देखभाल (पर्सनल केयर) बाजार में प्रवेश किया है।कंपनी इस क्षेत्र में एचयूएल और डाबर जैसी कंपनियों से मुकाबला करने का लक्ष्य रखती है।#Reliance Consumer revives Velvette brand, entering personal care market.Targets competition with HUL and Dabur in this sector.

रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (RCPL) ने हाल ही में तमिलनाडु स्थित पर्सनल केयर ब्रांड वेल्वेट (Velvette) का अधिग्रहण किया है। वेल्वेट ब्रांड की शुरुआत 1980 में डॉ. सी के राजकुमार ने की थी। यह ब्रांड खासतौर पर छोटे पाउच (सैशे) में शैंपू पैकेजिंग की वजह से बहुत लोकप्रिय हुआ था। इस नवाचार ने भारतीय पर्सनल केयर FMCG क्षेत्र में बड़ी क्रांति लाई थी और आम आदमी के लिए गुणवत्ता वाले उत्पाद सुलभ बनाए थे। वेल्वेट ब्रांड का सपना था कि महंगे उत्पाद गरीब और मध्यम वर्ग भी खरीद सकें, जिसे ब्रांड ने सफलतापूर्वक पूरा किया।रिलायंस का उद्देश्य इस अधिग्रहण से पर्सनल केयर सेक्टर में अपनी उपस्थिति को और मजबूत करना है। शुरुआत में कंपनी वेल्वेट ब्रांड के तहत शैंपू लॉन्च करेगी, और धीरे-धीरे साबुन व अन्य पर्सनल केयर उत्पाद भी पेश किए जाएंगे। रिलायंस का जोर रहेगा कि ये उत्पाद गुणवत्ता में अच्छे हों और दाम में उचित रहें, जिससे सभी वर्ग के लोग इन्हें खरीद सकें।रिलायंस के सीओओ केतन मोदी ने बताया कि वेल्वेट ब्रांड का रिश्ता भारतीय उपभोक्ताओं के भरोसे और इनोवेशन से जुड़ा रहा है। अब कंपनी अपने मजबूत वितरण नेटवर्क, तकनीकी कौशल और उपभोक्ताओं की पसंद को ध्यान में रखते हुए वेल्वेट को आधुनिक रूप में पूरे देश में लाएगी। इस डील से रिलायंस कंज्यूमर के पोर्टफोलियो में नया रंग भर जाएगा और कम्पनी अपने प्रतिद्वन्द्वियों – HUL (हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड) व डाबर को सीधी टक्कर दे सकेगी।HUL और डाबर जैसे दिग्गजों की मौजूदगी के बावजूद रिलायंस इस सेगमेंट में आक्रामक नीति अपनाकर बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने की तैयारी में है। उनकी योजना है कि स्थानीय और विरासत ब्रांडों को नए अंदाज़ में पेश कर ग्राहकों का भरोसा जीता जाए। इससे भारतीय उपभोक्ताओं के लिए विकल्प बढ़ेंगे और प्रतिस्पर्धा से उत्पादों की गुणवत्ता भी बढ़ेगी।


Wednesday, October 8, 2025

#Citi ने #Swiggy का लक्षित शेयर मूल्य बढ़ाकर ₹495 किया है, और कंपनी की आय में साल-दर-साल 64% वृद्धि का अनुमान लगाया है।Citi raises #Swiggy's target price to ₹495, projecting 64% YoY revenue growth.

सिटी ने स्विगी के शेयर का लक्ष्य मूल्य ₹495 कर दिया है। इसका मतलब है कि सिटी को उम्मीद है कि आने वाले समय में स्विगी के शेयर की कीमत इस स्तर तक पहुँच सकती है। सिटी का अनुमान है कि कंपनी की आय (Revenue) में साल-दर-साल यानी YoY आधार पर 64% की तेज़ वृद्धि होगी। यह काफी मजबूत बढ़त है और बताता है कि स्विगी का कारोबार तेजी से विस्तार कर रहा है।सिटी ने अपनी रिसर्च रिपोर्ट में यह भी बताया है कि आने वाले समय में स्विगी की मार्जिन (कुल आय में से बचा हुआ लाभ हिस्सा) बेहतर होने वाले हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि कंपनी अपने खर्च कम करने में सफल हो रही है और ज़्यादा कुशल तरीके से कारोबार चला रही है।एक खास बात यह है कि कंपनी का कैश बर्न यानी नकद खर्च का भारी नुकसान जो पहले अधिक था, अब कम होता जा रहा है। कैश बर्न कम होने का मतलब है कि कंपनी अपने उपलब्ध पैसों का इस्तेमाल ज़्यादा समझदारी से कर रही है और अनावश्यक खर्च कम कर रही है।सिटी का मानना है कि अगले तीन तिमाही यानी लगभग नौ महीनों में स्विगी का कैश फ्लो ब्रेक-ईवन हो सकता है। कैश फ्लो ब्रेक-ईवन का मतलब है कि कंपनी की नकदी आने और जाने का संतुलन बराबर हो जाएगा — यानी कंपनी को अपने संचालन में नकदी का घाटा नहीं होगा। जब यह स्थिति आती है, तो कंपनी के रोज़मर्रा के खर्च उसकी कमाई से पूरे हो जाते हैं।स्विगी का कारोबार मुख्य रूप से ऑनलाइन फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स (तुरंत सामान की डिलीवरी) पर आधारित है। हाल के वर्षों में, भारत में फूड डिलीवरी का बाज़ार तेजी से बढ़ा है। साथ ही, किराना और रोज़मर्रा की चीज़ों की त्वरित डिलीवरी में भी तेज़ी से ग्राहक जुड़ रहे हैं। यह वृद्धि स्विगी के राजस्व में बढ़ोतरी का बड़ा कारण है।सिटी के अनुमान के मुताबिक, बेहतर संचालन क्षमता, बढ़ते ऑर्डर, और नए आय स्रोतों के कारण स्विगी आने वाले समय में लाभप्रदता के करीब पहुँच सकता है। अगर कंपनी नियोजित रणनीति पर काम करती रही तो निवेशकों के लिए ₹495 का लक्ष्य हासिल करना संभव है।

Jai Corp Ltd में आज 1.27 करोड़ शेयरों का व्यापार हुआ, जो आज के सबसे सक्रिय इक्विटी वॉल्यूम में सबसे आगे रहा।"Jai Corp Ltd Sees 12.7 Million Shares Traded, Dominating Today's Active Equity Volume

जय कॉर्प लिमिटेड आज भारतीय शेयर बाजार में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय रहा क्योंकि इसके 1.27 करोड़ (12.7 मिलियन) शेयरों का व्यापार हुआ, जिससे यह आज के सबसे सक्रिय इक्विटी वॉल्यूम में सबसे आगे रहा। जय कॉर्प स्टील, प्लास्टिक प्रोसेसिंग, स्पिनिंग यार्न, इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट जैसे कई क्षेत्रों में काम करने वाली कंपनी है। इसकी स्थापना 1985 में हुई थी और यह बीएसई और एनएसई पर लिस्टेड है।आज कंपनी का शेयर मूल्य लगभग 165 रुपये के पास रहा, जिसमें लगभग 15% की ज़बरदस्त बढ़त देखी गई। पिछले बंद के मुकाबले, आज जय कॉर्प के शेयर में बहुत जोरदार ट्रेडिंग रही। कंपनी का 52 हफ्ते का उच्च स्तर 400 से ऊपर पहुंच चुका है और सबसे कम स्तर 81 रुपये के पास है। कंपनी का बाजार पूंजीकरण 2,700 करोड़ रुपये के करीब है।अगर बुनियादी आंकड़ों की बात करें, तो जय कॉर्प का पी/ई (P/E) रेशियो लगभग 17 है और प्रति शेयर कमाई (EPS) लगभग 8.8 रुपये है। इसका प्राइस टू बुक रेशियो करीब 2.2 है और कंपनी नियमित रूप से डिविडेंड भी देती है।इतनी बड़ी ट्रेडिंग वॉल्यूम का मतलब है कि निवेशकों की जय कॉर्प में काफी दिलचस्पी है। कंपनी के कारोबार की विविधता और हाल का बाजार प्रदर्शन इसे दूसरे मिड-कैप शेयरों में सबसे अलग बनाता है। अगर भविष्य में कंपनी के बिज़नेस में और ग्रोथ आती है, तो निवेशकों के लिए यह एक आकर्षक स्टॉक साबित हो सकता है।

Tuesday, October 7, 2025

आईटीआई लिमिटेड ने सेबी विनियमों के अनुपालन और समय पर खुलासों की पुष्टि की है। कंपनी ने कारोबार की मात्रा और मूल्य में हुए बदलावों का कारण बाज़ार की परिस्थितियों को बताया है।#ITI Ltd confirms compliance with SEBI regulations and timely disclosures.The company attributes trading volume and price changes to market conditions.

आईटीआई लिमिटेड ने एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा है कि वह पूरी तरह से भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के सभी नियमों और दिशानिर्देशों का पालन कर रहा है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह समय-समय पर सभी जरूरी वित्तीय और कारोबारी जानकारी सही तरीके से और तय समय सीमा के भीतर शेयर बाजार को उपलब्ध कराती है। इससे निवेशकों को कंपनी की स्थिति और कामकाज की पूरी जानकारी मिलती रहती है।हाल ही में आईटीआई लिमिटेड के शेयर के कारोबार में तेज़ी से बदलाव दिखा। शेयरों की खरीदी-बिक्री की मात्रा (ट्रेडिंग वॉल्यूम) और उनके दाम यानी प्राइस में उतार-चढ़ाव देखे गए। इस पर जब कंपनी से सवाल पूछा गया तो उसने साफ कहा कि इन बदलावों के पीछे कंपनी की ओर से कोई विशेष या गोपनीय जानकारी छिपाने या जारी करने की बात नहीं है। बल्कि यह बदलाव पूरी तरह से शेयर बाजार की सामान्य परिस्थितियों और निवेशकों की खरीद-बिक्री की गतिविधियों पर आधारित हैं।कंपनी ने यह भी बताया कि किसी भी सूचीबद्ध कंपनी (लिस्टेड कंपनी) के शेयर बाजार में कारोबार को कई बाहरी कारण प्रभावित कर सकते हैं, जैसे आर्थिक माहौल, बाजार में मांग और आपूर्ति, निवेशकों की भावनाएं, वैश्विक समाचार, और सरकारी नीतियों में बदलाव। ये सभी कारक मिलकर किसी शेयर के भाव और कारोबार की मात्रा में उतार-चढ़ाव ला सकते हैं।आईटीआई लिमिटेड का कहना है कि उसने ऐसी कोई नई जानकारी या घोषणा नहीं की है जो सीधे तौर पर शेयर के दाम को प्रभावित करे। फिर भी, अगर भविष्य में कोई महत्वपूर्ण जानकारी या घटनाक्रम होता है, तो कंपनी तय समय सीमा में और सेबी के नियमों के मुताबिक उसे सार्वजनिक करेगी।कंपनी का यह भी मानना है कि शेयर बाजार में होने वाले बदलाव अक्सर अल्पकालिक होते हैं और उन्हें लंबी अवधि में देखने की जरूरत होती है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी कंपनी में निवेश करने से पहले सभी जरूरी जानकारियां देखकर और विचार करके फैसला लें।इस बयान से यह साफ होता है कि आईटीआई लिमिटेड पारदर्शिता बनाए रखना चाहती है और सेबी के सभी नियमों का पालन कर रही है, ताकि निवेशकों का भरोसा बना रहे और बाजार में सही सूचनाएं उपलब्ध हों।




आरएचआई मैग्नीसीटा के शेयरों में 15% से अधिक की तेजी आई, जो पिछले 5 वर्षों में इसका सबसे अच्छा दिन रहा।RHI Magnesita shares surge over 15%, post best day in over 5 years.

RHI Magnesita के शेयरों में मंगलवार, 7 अक्टूबर 2025 को 15% से ज्यादा की बढ़ोतरी देखने को मिली, जो कंपनी के अब तक के सबसे अच्छे दिन में से एक है। यह बड़ी तेजी कंपनी के मजबूत वित्तीय प्रदर्शन, विकास की उम्मीदों और बाजार में उसकी विश्वसनीयता का संकेत है। अब तक का रिकॉर्ड तोड़ने वाले इस दिन के कारणों में कंपनी का अच्छा व्यापार प्रदर्शन और निवेशकों का विश्वास शामिल है।कंपनी का परिचय और व्यापारRHI Magnesita एक प्रमुख रिफ्रैक्टरी सामग्री बनाने वाली कंपनी है। यह मुख्य रूप से स्टील, सीमेंट, गैर-खाद्य धातु, कांच और ऊर्जा क्षेत्रों को रिफ्रैक्टरी उत्पाद प्रदान करती है। कंपनी का मुख्य कार्य उच्च तापमान पर टिकने वाले उत्पाद बनाना है, जो 1200 डिग्री सेल्सियस से भी ऊपर तापमान का सामना कर सकते हैं। भारत में भी इसकी तीन अत्याधुनिक उत्पादन सुविधा मौजूद हैं, जो देश एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों में ग्राहकों को सेवाएं प्रदान कर रही हैं। कंपनी का मुख्यालय गुरुग्राम में है और यह लंदन स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध है, जहां यह FTSE 250 सूचकांक का हिस्सा है। 

बाजार में तेजी का कारणपिछले कुछ महीनों में, RHI Magnesita के शेयरों में भारी बढ़ोतरी देखी गई है। हाल ही में कंपनी ने अपने वित्तीय परिणाम भी बेहतर दिए हैं, जिसमें आय में वृद्धि और घाटे में कमी शामिल है। 2025 में कंपनी का नेट नुकसान घटकर 44 करोड़ रुपये रहा है, जो पहले की तुलना में अच्छा संकेत है। इसके अलावा, कंपनी के प्रबंधन ने विस्तार और उत्पादन बढ़ाने के संकेत दिए हैं, जो निवेशकों का भरोसा बढ़ा रहा है।निवेशकों की प्रतिक्रियामंगलवार के दिन कंपनी के शेयर 12.8% बढ़कर 496.45 रुपये पर ट्रेड कर रहे थे, जबकि पिछले दिन का बंद मूल्य 440.15 रुपये था। इस दिन का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 10,252 करोड़ रुपये रहा। निवेशकों की उम्मीदें कंपनी के मजबूत भविष्य की ओर संकेत कर रही हैं और साथ ही बाजार में इसके उत्पादन एवं व्यापार क्षमता का भरोसा भी जता रही हैं। 
निष्कर्षयह निवेशकों के लिए अच्छा संकेत है कि RHI Magnesita ने अपनी वित्तीय स्थिति मजबूत की है और भविष्य में विस्तारित विकास की संभावना दिख रही है। बाजार में इसकी उच्चतम कीमत और मजबूत कंपनी की नींव दिखाते हैं कि इसकी बढ़ोतरी लंबे समय के लिए स्थिर रह सकती है। इसकी व्यापार रणनीतियों और वैश्विक विस्तार से यह कंपनी इंटरनेशनल मार्केट में भी अपनी पकड़ मजबूत करेगी, जो निवेशकों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।




Monday, October 6, 2025

"जैन रिसोर्स रिक्लिंग तेज़ी से विकास की राह पर अग्रसर है"Jain Resource Recycling charts aggressive growth path.Jain Resource Recycling IPO

जैन रिसोर्स रीसाइक्लिंग का मानना है कि रिसाइक्लिंग अब एक विकल्प नहीं, बल्कि मजबूरी बन गई है, क्योंकि पर्यावरण को बचाने और टिकाऊ विकास के लिए पुराने धातुओं और सामग्रियों का पुनः उपयोग करना बेहद जरूरी हो गया है।कंपनी की पृष्ठभूमिजैन रिसोर्स रीसाइक्लिंग देश की अग्रणी नॉन-फेरस मेटल (जैसे कॉपर, लेड, एल्यूमिनियम) रीसाइक्लिंग कंपनी है। इसकी शुरुआत 2022 में हुई थी और इसके पास चेन्नई में तीन बड़े प्लांट हैं, जहां पुराना मेटल स्क्रैप प्रोसेस करके उपयोगी धातु में बदला जाता है। यह कंपनी ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, बैटरी और अन्य उद्योगों को सामग्री सप्लाई करती है। इसके ग्राहक भारत के अलावा जापान, चीन, कोरिया जैसे देशों में भी हैं।कंपनी का प्रदर्शनवित्त वर्ष 2025 में, कंपनी ने 7,162 करोड़ रुपये का राजस्व कमाया, जो पिछले साल की तुलना में 60% ज्यादा है। कंपनी का प्रॉफिट 223 करोड़ रुपये रहा, जो 36% की वृद्धि थी।आक्रामक विकास योजनायह कंपनी अपनी वैल्यू चेन को मजबूत करने के लिए नए उत्पाद जैसे कॉपर कैथोड, वायर रॉड और बसबार की प्रोडक्शन शुरू कर रही है। सोलर पैनल, गाड़ियों के टायर और कॉपर-एल्यूमिनियम रेडिएटर के खास रीसाइक्लिंग क्षेत्रों में भी विस्तार कर रही है, ताकि टिकाऊ विकास और बढ़ती मांग का पूरा फायदा उठा सके।आईपीओ और निवेशहाल ही में कंपनी का आईपीओ आया, जिसका साइज 1,250 करोड़ रुपये था। आईपीओ के पैसों से कंपनी अपनी उधारी कम करने और विस्तार के लिए नए प्लांट लगाने की योजना बना रही है। इसका शेयर बाजार में लिस्ट हुआ और प्राइस ने अच्छी ग्रोथ दिखाई।निष्कर्षजैन रिसोर्स रीसाइक्लिंग की योजना है कि रिसाइक्लिंग को मजबूरी मानकर, वह नए क्षेत्रों में प्रवेश करे और देश-विदेश में कारोबार बढ़ाए। इसी वजह से कंपनी ने अपने बिजनेस मॉडल और उत्पादों में विविधता लाई है ताकि टिकाऊ और आक्रामक विकास संभव बन सके

#Nykaa ने दूसरी तिमाही में लगभग 30% की सकल व्यापारिक मूल्य (GMV) वृद्धि दर्ज की है, जो ब्यूटी और फैशन क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन से प्रेरित है।#Nykaa projects Q2 GMV growth close to 30%, driven by strong performance in beauty and fashion verticals.

नायका (Nykaa) ने वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही (Q2) में लगभग 30% ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू (GMV) बढ़ोत्तरी का अनुमान लगाया है। यह वृद्धि मुख्य रूप से कंपनी के ब्यूटी और फैशन व्यवसायों की तेज प्रगति से आई है। कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट रेवेन्यू भी इस तिमाही में पिछले साल की तुलना में 20-25% यानी मिड-ट्वेंटीज की दर से बढ़ने की उम्मीद है, जो इस बार त्योहारी सीज़न की जल्दी शुरुआत के कारण है।ब्यूटी सेक्टर में नायका ने लगातार 10 से अधिक तिमाहियों तक मजबूत विकास दिखाया है, जिसमें नेट सेल्स वैल्यू (NSV) और नेट रेवेन्यू दोनों बढ़ रहे हैं। कंपनी के अपने ब्रांड और अधिग्रहित ब्रांड जैसे डॉट एंड की, कयी ब्यूटी, और नायका कॉस्मेटिक्स काफी तेजी से बढ़ रहे हैं।फैशन सेक्टर ने भी बेहतर प्रदर्शन किया है, जहां NSV ग्रोथ 25-28% के बीच और नेट रेवेन्यू ग्रोथ 20-22% के बीच रहने का अनुमान है। फैशन सेगमेंट में वृद्धि खासतौर पर ब्रांड असॉर्टमेंट बढ़ने और ग्राहक संख्या में तेजी से इज़ाफे के कारण हुई है।काल्पनिक और वास्तविक मामलों में अभी यह आंकड़े ऑडिट के अधीन हैं, लेकिन कंपनी की जो रिपोर्ट आई है, वह निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत हैं और इससे नायका के शेयरों में भी बढ़त देखी गई है।इस तिमाही की सफलता नायका के बिजनेस मॉडल और दोनों प्रमुख वर्टिकल (ब्यूटी और फैशन) के स्थिर और निरंतर विकास को दर्शाती है। यह नायका के ऑनलाइन ब्यूटी और फैशन प्लेटफॉर्म के लिए बेहद अच्छा परिणाम माना जा रहा है।

Sunday, October 5, 2025

पूनावाला फिनकॉर्प की AUM में सालाना 67.7% और तिमाही आधार पर 15.4% की उछाल आया, जो सितंबर 2025 तक 47,625 करोड़ तक पहुंच गई। Poonawalla Fincorp's AUM surged 67.7% YoY, 15.4% QoQ to 47,625 crore by Sept 2025. The firm maintains 6,200 crore liquidity, focusing on risk management and sustainable growth.

पूनावाला फिनकॉर्प लिमिटेड, भारत की तेजी से बढ़ती गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी), ने हाल ही में अपनी संपत्ति प्रबंधन (AUM) में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की है। सितंबर 2025 तक कंपनी की AUM 47,625 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में (YoY) 67.7% और पिछली तिमाही की तुलना में (QoQ) 15.4% की तेज उछाल दर्शाती है। यह वृद्धि कंपनी की मजबूत बाजार रणनीति और ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण का प्रमाण है, जो वित्तीय समावेशन और सतत विकास को बढ़ावा दे रही है।AUM में इस उल्लेखनीय वृद्धि के पीछे कई कारक जिम्मेदार हैं। कंपनी ने मुख्य रूप से खुदरा ऋण क्षेत्र में विस्तार किया है, जिसमें व्यक्तिगत ऋण, वाहन ऋण और छोटे व्यवसाय ऋण शामिल हैं। कोविड-19 के बाद की आर्थिक सुधार प्रक्रिया में मध्यम वर्ग की बढ़ती वित्तीय जरूरतों ने इस विकास को गति प्रदान की। इसके अलावा, डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से ऋण वितरण को सरल बनाना और त्वरित अनुमोदन प्रक्रिया ने ग्राहक आधार को व्यापक रूप से विस्तारित किया। पूनावाला फिनकॉर्प ने विभिन्न राज्यों में अपनी शाखाओं का नेटवर्क मजबूत किया, जिससे ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में पहुंच बढ़ी।कंपनी की वित्तीय मजबूती को दर्शाते हुए, यह 6,200 करोड़ रुपये की मजबूत तरलता बनाए रख रही है। यह तरलता बफर न केवल संभावित बाजार उतार-चढ़ावों से सुरक्षा प्रदान करता है, बल्कि नए अवसरों में निवेश के लिए तैयार रहने में भी सहायक है। पूनावाला फिनकॉर्प ने जोखिम प्रबंधन को अपनी प्राथमिकता बनाया है। उन्नत डेटा एनालिटिक्स और एआई-आधारित क्रेडिट मूल्यांकन प्रणाली के माध्यम से, कंपनी डिफॉल्ट दरों को न्यूनतम रखने में सफल रही है। हाल के वर्षों में, इसकी गैर-निष्पादित संपत्ति (NPA) अनुपात उद्योग औसत से काफी नीचे रहा, जो निवेशकों का विश्वास बढ़ाता है।सतत विकास पर फोकस करते हुए, पूनावाला फिनकॉर्प पर्यावरण, सामाजिक और शासन (ESG) मानकों का पालन कर रही है। कंपनी ने हरित ऋण योजनाओं को बढ़ावा दिया, जैसे कि सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए वित्तपोषण, जो जलवायु परिवर्तन से निपटने में योगदान देता है। इसके साथ ही, वित्तीय साक्षरता कार्यक्रमों के माध्यम से लाखों ग्राहकों को जागरूक किया जा रहा है। भविष्य की योजनाओं में, कंपनी AUM को 2026 तक 60,000 करोड़ तक ले जाने का लक्ष्य रखे हुए है, जिसमें टेक्नोलॉजी एकीकरण और साझेदारियों पर जोर दिया जाएगा।यह प्रदर्शन न केवल पूनावाला फिनकॉर्प की आंतरिक क्षमताओं को रेखांकित करता है, बल्कि भारतीय एनबीएफसी क्षेत्र की समग्र मजबूती को भी प्रतिबिंबित करता है। निवेशकों और विश्लेषकों के बीच उत्साह बढ़ रहा है, क्योंकि कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत बनी हुई है। हालांकि, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच, जोखिम प्रबंधन की निरंतर निगरानी आवश्यक रहेगी। कुल मिलाकर, पूनावाला फिनकॉर्प का यह सफर सतत और जिम्मेदार विकास का प्रतीक है, जो भारत की वित्तीय अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है।

Saturday, October 4, 2025

संदूर मैंगनीज एंड आयरन ओर्स ने शेयरों में वॉल्यूम बढ़ोतरी से संबंधित कोई अनधिकृत जानकारी न होने की स्पष्टता दी है।कंपनी का कहना है कि वॉल्यूम में वृद्धि बाजार-चालित है और एसईबीआई विनियमों का पालन करती है।#Sandur Manganese & Iron Ores clarifies no undisclosed info related to volume surge in shares.The company states the volume increase is market-driven and complies with SEBI regulations.

भारतीय शेयर बाजार में संदूर मैंगनीज एंड आयरन ओर्स लिमिटेड नाम की कंपनी ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। यह कंपनी मुख्य रूप से मैंगनीज और आयरन के अयस्कों का खनन और उत्पादन करती है। कर्नाटक राज्य में स्थित यह कंपनी स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड है। हाल ही में इसके शेयरों में ट्रेडिंग वॉल्यूम में अचानक बहुत तेजी आई। मतलब, शेयरों की खरीद-बिक्री की मात्रा सामान्य से कई गुना बढ़ गई। ऐसे में निवेशकों में उत्सुकता बढ़ गई कि आखिर इसके पीछे क्या कारण है। क्या कोई नई खबर या डील है?कंपनी ने जल्दी ही एक स्पष्टिकरण जारी किया। इसमें कहा गया है कि शेयरों में इस वॉल्यूम बढ़ोतरी से जुड़ी कोई अनकही या छिपी हुई जानकारी नहीं है। कंपनी के बोर्ड और मैनेजमेंट ने पुष्टि की कि उनके पास कोई ऐसी सामग्री घटना या सूचना नहीं है जो बाजार को प्रभावित करे। सब कुछ सामान्य है। वॉल्यूम में यह उछाल पूरी तरह बाजार की मांग और निवेशकों की रुचि से प्रेरित है। कोई कंपनी की ओर से कोई नया ऐलान या योजना नहीं है जो इसके पीछे हो।यह स्पष्टिकरण सेबी (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) के नियमों का पालन करते हुए जारी किया गया। सेबी के नियम कहते हैं कि अगर किसी कंपनी के शेयरों में असामान्य गतिविधि दिखे, तो उसे तुरंत स्पष्ट करना पड़ता है। इससे निवेशकों को भ्रम न हो और बाजार में पारदर्शिता बनी रहे। अगर कोई छिपी जानकारी हो, तो वह अनुचित व्यापार को बढ़ावा दे सकती है, जो सेबी की सख्ती से प्रतिबंधित है।कंपनी ने निवेशकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें। बाजार में कभी-कभी अफवाहें फैल जाती हैं, जो शेयर मूल्य को ऊपर-नीचे कर देती हैं। लेकिन यहां सब कुछ कानूनी और पारदर्शी है। संदूर कंपनी लंबे समय से मजबूत प्रदर्शन कर रही है। यह मैंगनीज अयस्क का बड़ा उत्पादक है, जो स्टील उद्योग के लिए जरूरी है। हाल के वर्षों में वैश्विक मांग बढ़ने से इसकी आय में वृद्धि हुई है।इस घटना से सीख मिलती है कि शेयर बाजार में निवेश करते समय सावधानी बरतें। हमेशा कंपनी की आधिकारिक घोषणाओं पर ध्यान दें। सेबी जैसे नियामक संस्थान बाजार को सुरक्षित रखने के लिए काम करते हैं। कुल मिलाकर, यह एक सामान्य बाजार उतार-चढ़ाव था, जिसमें कोई बड़ा रहस्य नहीं। निवेशक अब शांत होकर कंपनी के भविष्य के प्रदर्शन पर नजर रख सकते हैं। 

हुरॉन होल्डिंग्स ने #Aegis लॉजिस्टिक्स के 10,000 शेयर हासिल किए, जिससे इसकी हिस्सेदारी 31.67% तक बढ़ गई। प्रमोटर समूह की होल्डिंग 58.1% पर है।Huron Holdings acquired 10,000 shares of #Aegis Logistics, raising its stake to 31.67%.Promoter group holding at 58.1%.

एगिस लॉजिस्टिक्स लिमिटेड भारत की एक प्रमुख कंपनी है। यह तेल, गैस और रसायनों की लॉजिस्टिक्स सेवाएं देती है। कंपनी का मुख्य काम तरल पदार्थों के भंडारण और हैंडलिंग का है। यह भारत में एलपीजी (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) के बड़े आयातकों और हैंडलरों में से एक है। कंपनी की स्थापना 1956 में हुई थी। इसमें करीब 1043 कर्मचारी काम करते हैं। एगिस लॉजिस्टिक्स बीएसई और एनएसई पर लिस्टेड है। यह तेल और गैस रिफाइनिंग व मार्केटिंग क्षेत्र में काम करती है। कंपनी के पास बल्क लिक्विड हैंडलिंग टर्मिनल्स का नेटवर्क है। यह रसायनों, तेल और गैस के क्षेत्र में लॉजिस्टिक्स और टर्मिनलिंग सेवाएं प्रदान करती है। 

aegisindia.com
हुरॉन होल्डिंग्स लिमिटेड एक होल्डिंग कंपनी है। यह मॉरीशस से संचालित होती है। कंपनी का मुख्य काम कंपनियों का प्रबंधन और निवेश है। यह एगिस लॉजिस्टिक्स के प्रमोटर ग्रुप का हिस्सा है। हुरॉन होल्डिंग्स का एगिस में महत्वपूर्ण प्रभाव है। यह अन्य कंपनियों जैसे ट्रांस एशिया पेट्रोलियम इंक और एशिया इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट लिमिटेड के साथ मिलकर काम करती है। ये सभी प्रमोटर ग्रुप में शामिल हैं। हुरॉन होल्डिंग्स का मुख्यालय मॉरीशस में है और यह निवेश संबंधी निर्णय लेती है। 

dnb.com
अब मुख्य खबर पर आते हैं। 26 सितंबर 2025 को हुरॉन होल्डिंग्स ने एगिस लॉजिस्टिक्स के 10,000 शेयर खरीदे। यह खरीद प्रमोटर्स के बीच इंटर-से ट्रांसफर के रूप में हुई, जो ऑफ-मार्केट थी। मतलब, यह शेयर बाजार के बाहर प्रमोटर ग्रुप के सदस्यों के बीच ट्रांसफर किया गया। शेयरों की कीमत 758.90 रुपये प्रति शेयर थी। कुल मूल्य 75.89 लाख रुपये था। यह कुल शेयर कैपिटल का 0.0028% है। 

इस खरीद से पहले हुरॉन होल्डिंग्स के पास 11,11,60,570 शेयर थे, जो 31.6697% हिस्सेदारी थी। एशिया इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट लिमिटेड के पास 10,000 शेयर थे। कुल प्रमोटर ग्रुप की होल्डिंग 20,39,24,675 शेयर (58.0982%) थी। खरीद के बाद हुरॉन की हिस्सेदारी बढ़कर 11,11,70,570 शेयर (31.6725%) हो गई। एशिया इंफ्रास्ट्रक्चर की हिस्सेदारी 0% हो गई। लेकिन कुल प्रमोटर ग्रुप की होल्डिंग वही 58.0982% रही, क्योंकि यह ग्रुप के अंदर ही ट्रांसफर था। 

bsmedia.business-standard.com
यह ट्रांसफर एसईबीआई (सब्स्टैंशियल एक्विजिशन ऑफ शेयर्स एंड टेकओवर्स) रेगुलेशंस, 2011 के तहत हुआ। इससे कंपनी में प्रमोटर्स का विश्वास दिखता है। चूंकि हिस्सेदारी ग्रुप के अंदर ही घूमी है, इसलिए कंपनी की कुल प्रमोटर होल्डिंग में कोई बदलाव नहीं आया। यह स्थिरता का संकेत है। निवेशकों के लिए यह सकारात्मक हो सकता है, क्योंकि मजबूत प्रमोटर होल्डिंग कंपनी को मजबूत बनाती है। जून 2025 में प्रमोटर होल्डिंग 58.10% थी, जो अब भी लगभग वही है। 

एगिस लॉजिस्टिक्स का शेयर बाजार में अच्छा प्रदर्शन रहा है। कंपनी ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ रही है। ऐसे ट्रांसफर से कंपनी की संरचना मजबूत होती है। अगर आप निवेशक हैं, तो हमेशा सलाहकार से बात करें। यह जानकारी सार्वजनिक घोषणाओं पर आधारित है। कुल मिलाकर, यह एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण ट्रांसफर है जो प्रमोटर ग्रुप की एकजुटता दिखाता है.

Thursday, October 2, 2025

#नेटफ्लिक्स - इनसाइडर बिक्री: स्पेंसर न्यूमैन ने नेटफ्लिक्स इंक (NFLX) के 2,600 शेयर बेचे#Netflix - Insider Sell: Spencer Neumann Sells 2,600 Shares of Netflix Inc (NFLX)

नेटफ्लिक्स इंक (NFLX), दुनिया की अग्रणी स्ट्रीमिंग सेवा कंपनी, हाल ही में दोहरी चुनौतियों का सामना कर रही है। एक ओर, कंपनी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) स्पेंसर न्यूमैन ने 2,600 शेयर बेचे हैं, जो निवेशकों के बीच चिंता पैदा कर रहा है। दूसरी ओर, टेस्ला और एक्स (पूर्व ट्विटर) के सीईओ एलन मस्क ने नेटफ्लिक्स के कंटेंट को "वोक एजेंडा" बताते हुए सब्सक्रिप्शन रद्द करने का अभियान चला रखा है। यह विवाद नेटफ्लिक्स के शेयरों पर भारी दबाव डाल रहा है, जो हाल के दिनों में करीब 40% गिर चुके हैं। आइए, इन घटनाओं की विस्तृत पड़ताल करें।सबसे पहले, स्पेंसर न्यूमैन की इनसाइडर बिक्री पर नजर डालें। 1 अक्टूबर 2025 को, न्यूमैन ने नेटफ्लिक्स के 2,600 शेयर औसतन 1,207.76 डॉलर प्रति शेयर की दर से बेचे, जिससे उन्हें लगभग 3.14 मिलियन डॉलर की आय हुई। यह लेन-देन अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) फाइलिंग में दर्ज है। बिक्री के बाद, न्यूमैन के पास कंपनी के 3,691 शेयर शेष रह गए। यह कोई पहली घटना नहीं है; पिछले एक साल में न्यूमैन ने कुल 33,295 शेयर बेचे हैं, बिना कोई खरीदारी किए। नेटफ्लिक्स में कुल 98 इनसाइडर बिक्री हुई हैं, लेकिन एक भी खरीदारी नहीं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी बिक्री अक्सर व्यक्तिगत वित्तीय जरूरतों या टैक्स प्लानिंग के कारण होती है, न कि कंपनी के भविष्य पर संदेह के। फिर भी, निवेशक इसे नकारात्मक संकेत मानते हैं, खासकर जब नेटफ्लिक्स का मार्केट कैपिटलाइजेशन 515 बिलियन डॉलर से घटकर हाल में 300 बिलियन डॉलर के आसपास पहुंच गया है।अब, एलन मस्क के साथ विवाद पर आते हैं। 1 अक्टूबर 2025 को, मस्क ने अपने 226 मिलियन फॉलोअर्स को नेटफ्लिक्स सब्सक्रिप्शन रद्द करने की अपील की। कारण? नेटफ्लिक्स का एनिमेटेड शो "डेड एंड: पैरानॉर्मल पार्क" (2022 में रिलीज, 2023 में कैंसल), जिसमें मुख्य किरदार बार्नी एक ट्रांसजेंडर टीनएजर है। मस्क ने इसे "बच्चों के लिए ट्रांसजेंडर प्रोपेगैंडा" करार दिया और कहा, "अपने बच्चों की सेहत के लिए नेटफ्लिक्स कैंसल करो।" उन्होंने 26 से अधिक पोस्ट्स में इस अभियान को बढ़ावा दिया, जिसमें Libs of TikTok जैसे कंजर्वेटिव अकाउंट्स की क्लिप्स शेयर कीं। विवाद तब भड़का जब शो के क्रिएटर हमिश स्टील के पुराने पोस्ट्स उजागर हुए, जिसमें उन्होंने कंजर्वेटिव एक्टिविस्ट चार्ली किर्क की हत्या पर कथित टिप्पणी की थी। स्टील ने इसे झूठा बताया, लेकिन मस्क ने नेटफ्लिक्स को "वोक बायस" और LGBTQ+ कंटेंट को बढ़ावा देने का दोषी ठहराया।इस अभियान का असर तत्काल दिखा। 1 अक्टूबर को नेटफ्लिक्स का शेयर 1,170.90 डॉलर पर बंद हुआ (2.34% गिरावट), 2 अक्टूबर को 1,162.53 डॉलर (0.72% और नीचे), और 3 अक्टूबर को मात्र 706.80 डॉलर (39.20% की भारी गिरावट)। कुल मिलाकर, 1 अक्टूबर से 197 बिलियन डॉलर का मार्केट कैप लॉस हुआ। एक्स पर #CancelNetflix ट्रेंड कर रहा है, जहां यूजर्स बच्चों को "ग्रूमिंग" से बचाने की बात कर रहे हैं। हालांकि, एनालिस्ट्स का कहना है कि यह अल्पकालिक है; नेटफ्लिक्स के 190 देशों में 2.7 बिलियन सब्सक्राइबर्स हैं, और शेयर पहले ही महंगे थे।नेटफ्लिक्स ने अब तक चुप्पी साध रखी है, लेकिन CEO टेड सरांडोस ने पहले डेव चैपेल के ट्रांस-विरोधी जोक्स का बचाव किया था। मस्क का यह हमला उनकी "फ्री स्पीच" वाली छवि से मेल खाता है, लेकिन आलोचक इसे कल्चर वॉर का हथियार मानते हैं। क्या यह नेटफ्लिक्स के लिए अंत है? शायद नहीं, लेकिन इनसाइडर बिक्री और बॉयकॉट ने कंपनी को सोचने पर मजबूर कर दिया है। नेटफ्लिक्स को अपनी कंटेंट स्ट्रैटेजी पर पुनर्विचार करना पड़ सकता है, जबकि मस्क की ताकत सोशल मीडिया की राजनीति को उजागर करती है। कुल मिलाकर, यह टेक और एंटरटेनमेंट जगत का नया बैटलग्राउंड बन गया है। 

नेटवेब टेक्नोलॉजीज के शेयर 13% उछलकर रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंचे, 6 महीने में 170% की तेजी! यहाँ कारण बताया गया है।#NetwebTechnologies shares surge 13% to record high, rally 170% in 6 months! Here's why?


नेटवेब टेक्नोलॉजीज इंडिया लिमिटेड, एक प्रमुख हाई-एंड कंप्यूटिंग सॉल्यूशंस प्रदाता, के शेयरों ने हाल ही में जबरदस्त प्रदर्शन किया है। 1 अक्टूबर 2025 को, कंपनी के शेयर एनएसई पर 13% की तेजी के साथ रिकॉर्ड 4,108 रुपये के स्तर पर पहुंच गए। यह उछाल पिछले एक महीने में 80% और छह महीनों में पूरे 170% की रैली का हिस्सा है। छोटे कैप स्टॉक के रूप में, नेटवेब का यह प्रदर्शन निवेशकों के बीच उत्साह पैदा कर रहा है, खासकर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और एआई के बढ़ते बाजार के बीच।इस तेजी के पीछे कई मजबूत कारण हैं। सबसे पहले, भारत की डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में संरचनात्मक बदलाव। सरकार की डेटा लोकलाइजेशन नीतियां और एआई अपनाने की दिशा में कदम छोटे व्यवसायों को बड़ा अवसर दे रही हैं। वेंचुरा सिक्योरिटीज के अनुसार, भारत का कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर बाजार FY28 तक तेजी से बढ़ेगा। एआई इंफ्रास्ट्रक्चर अकेले 29.5% की CAGR से बढ़कर 8,700 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा। प्राइवेट क्लाउड और हाइपरकन्वर्ज्ड इंफ्रास्ट्रक्चर (HCI) 28.5% CAGR पर 14,100 करोड़ रुपये का होगा, जबकि हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग (HPC) 8.2% बढ़कर 2,430 करोड़ रुपये का। नेटवेब जैसी कंपनियां इस विकास से सीधे लाभान्वित हो रही हैं।दूसरा प्रमुख कारक है कंपनी के हालिया बड़े ऑर्डर। 21 सितंबर 2025 को, नेटवेब ने 450 करोड़ रुपये का ऑर्डर हासिल किया, जिसमें इसके टायरॉन GPU-एक्सेलरेटेड सिस्टम्स का उपयोग एआई इंफ्रास्ट्रक्चर तैनात करने के लिए होगा। यह ऑर्डर FY25-26 तक पूरा होगा। इससे पहले, सितंबर की शुरुआत में कंपनी ने इंडिया एआई मिशन के तहत 1,734 करोड़ रुपये का अनुबंध जीता, जिसमें एनवीडिया-पावर्ड सर्वर सप्लाई शामिल है। ये ऑर्डर नेटवेब की टायरॉन कैमरारो एआई प्लेटफॉर्म के माध्यम से पूरे होंगे, जो बड़े पैमाने पर जेनरेटिव एआई, फाउंडेशनल मॉडल ट्रेनिंग और एक्सास्केल कंप्यूटिंग के लिए डिजाइन किया गया है। ये सौदे कंपनी की राजस्व और लाभ को बढ़ावा देंगे।तीसरा, मजबूत वित्तीय परिणाम। Q1 FY26 (जून 2025) में, नेटवेब का ऑपरेटिंग इनकम 101.7% YoY बढ़कर 301.21 करोड़ रुपये हो गया, जबकि प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 100% से अधिक उछलकर 30.5 करोड़ रुपये पर पहुंचा। यह वृद्धि एआई तकनीकों की मजबूत मांग और अनुशासित निष्पादन पर आधारित है। कंपनी नेट कैश पोजिशन में 47.5 करोड़ रुपये के साथ है, जो वित्तीय स्थिरता दर्शाता है। वेंचुरा के अनुमान से, नेटवेब का राजस्व 36.7% CAGR पर FY28 तक 2,938 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है, जिसमें एआई सिस्टम्स, एंटरप्राइज वर्कस्टेशन और क्लाउड सेवाओं की मांग प्रमुख होगी।इसके अलावा, तकनीकी संकेतक भी तेजी का समर्थन कर रहे हैं। शेयरों ने हाल के दिनों में भारी ट्रेडिंग वॉल्यूम देखे हैं, जिसमें 7.51 मिलियन इक्विटी शेयर (कुल इक्विटी का 13.25%) बदले गए। RSI 81.7 पर है, जो ओवरबॉट स्थिति दर्शाता है, लेकिन ADX 43 पर मजबूत ट्रेंड दिखा रहा है। ब्रेकआउट के बाद, 3,000 रुपये का स्तर अब सपोर्ट के रूप में काम कर रहा है।कंपनी की पृष्ठभूमि भी प्रभावशाली है। 1999 में स्थापित नेटवेब भारत का प्रमुख HCS प्रदाता है, जो सर्वर, वर्कस्टेशन, स्टोरेज, क्लाउड, HPC, एआई और बिग डेटा सॉल्यूशंस प्रदान करता है। इसके सुपरकंप्यूटर वैश्विक टॉप 500 रैंकिंग में 15 बार शामिल हो चुके हैं। प्रमोटर होल्डिंग 71% है, जो विश्वास बढ़ाता है।हालांकि, तेज रैली के बीच लाभ बुकिंग का जोखिम है, खासकर ओवरबॉट संकेतकों के कारण। फिर भी, लंबी अवधि में एआई और डिजिटल विकास की लहर नेटवेब को मजबूत बनाए रखेगी। निवेशक सतर्क रहें और फंडामेंटल्स पर नजर रखें।