पूनावाला फिनकॉर्प लिमिटेड, भारत की तेजी से बढ़ती गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी), ने हाल ही में अपनी संपत्ति प्रबंधन (AUM) में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की है। सितंबर 2025 तक कंपनी की AUM 47,625 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में (YoY) 67.7% और पिछली तिमाही की तुलना में (QoQ) 15.4% की तेज उछाल दर्शाती है। यह वृद्धि कंपनी की मजबूत बाजार रणनीति और ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण का प्रमाण है, जो वित्तीय समावेशन और सतत विकास को बढ़ावा दे रही है।AUM में इस उल्लेखनीय वृद्धि के पीछे कई कारक जिम्मेदार हैं। कंपनी ने मुख्य रूप से खुदरा ऋण क्षेत्र में विस्तार किया है, जिसमें व्यक्तिगत ऋण, वाहन ऋण और छोटे व्यवसाय ऋण शामिल हैं। कोविड-19 के बाद की आर्थिक सुधार प्रक्रिया में मध्यम वर्ग की बढ़ती वित्तीय जरूरतों ने इस विकास को गति प्रदान की। इसके अलावा, डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से ऋण वितरण को सरल बनाना और त्वरित अनुमोदन प्रक्रिया ने ग्राहक आधार को व्यापक रूप से विस्तारित किया। पूनावाला फिनकॉर्प ने विभिन्न राज्यों में अपनी शाखाओं का नेटवर्क मजबूत किया, जिससे ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में पहुंच बढ़ी।कंपनी की वित्तीय मजबूती को दर्शाते हुए, यह 6,200 करोड़ रुपये की मजबूत तरलता बनाए रख रही है। यह तरलता बफर न केवल संभावित बाजार उतार-चढ़ावों से सुरक्षा प्रदान करता है, बल्कि नए अवसरों में निवेश के लिए तैयार रहने में भी सहायक है। पूनावाला फिनकॉर्प ने जोखिम प्रबंधन को अपनी प्राथमिकता बनाया है। उन्नत डेटा एनालिटिक्स और एआई-आधारित क्रेडिट मूल्यांकन प्रणाली के माध्यम से, कंपनी डिफॉल्ट दरों को न्यूनतम रखने में सफल रही है। हाल के वर्षों में, इसकी गैर-निष्पादित संपत्ति (NPA) अनुपात उद्योग औसत से काफी नीचे रहा, जो निवेशकों का विश्वास बढ़ाता है।सतत विकास पर फोकस करते हुए, पूनावाला फिनकॉर्प पर्यावरण, सामाजिक और शासन (ESG) मानकों का पालन कर रही है। कंपनी ने हरित ऋण योजनाओं को बढ़ावा दिया, जैसे कि सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए वित्तपोषण, जो जलवायु परिवर्तन से निपटने में योगदान देता है। इसके साथ ही, वित्तीय साक्षरता कार्यक्रमों के माध्यम से लाखों ग्राहकों को जागरूक किया जा रहा है। भविष्य की योजनाओं में, कंपनी AUM को 2026 तक 60,000 करोड़ तक ले जाने का लक्ष्य रखे हुए है, जिसमें टेक्नोलॉजी एकीकरण और साझेदारियों पर जोर दिया जाएगा।यह प्रदर्शन न केवल पूनावाला फिनकॉर्प की आंतरिक क्षमताओं को रेखांकित करता है, बल्कि भारतीय एनबीएफसी क्षेत्र की समग्र मजबूती को भी प्रतिबिंबित करता है। निवेशकों और विश्लेषकों के बीच उत्साह बढ़ रहा है, क्योंकि कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत बनी हुई है। हालांकि, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच, जोखिम प्रबंधन की निरंतर निगरानी आवश्यक रहेगी। कुल मिलाकर, पूनावाला फिनकॉर्प का यह सफर सतत और जिम्मेदार विकास का प्रतीक है, जो भारत की वित्तीय अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है।
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