कोल इंडिया ने आंध्र प्रदेश में 209 वर्ग किलोमीटर के रेयर अर्थ तत्व (आरईई) ब्लॉक को हासिल करके एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यह कदम कंपनी के लिए खनन क्षेत्र में विविधीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो अब तक कोयला उत्पादन पर केंद्रित थी। इस ब्लॉक को हासिल करने से कोल इंडिया रेयर अर्थ तत्वों की खोज और दोहन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगी, जो उच्च-प्रौद्योगिकी उद्योगों, जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा, और रक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण हैं।भारत सरकार ने रेयर अर्थ तत्वों के खनन और प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए 34,000 करोड़ रुपये के मिशन की घोषणा की है। इस मिशन का उद्देश्य देश को रेयर अर्थ तत्वों के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारत की स्थिति को मजबूत करना है। कोल इंडिया की यह पहल सरकार के इस मिशन के साथ संरेखित है, जो रणनीतिक खनिजों पर निर्भरता को कम करने और स्वदेशी उत्पादन को बढ़ाने पर केंद्रित है।रेयर अर्थ तत्व, जैसे लैंथेनम, सेरियम, और नियोडिमियम, आधुनिक तकनीकों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये तत्व इलेक्ट्रिक वाहनों, पवन टरबाइनों, और स्मार्टफोन्स जैसे उपकरणों में उपयोग होते हैं। कोल इंडिया इस क्षेत्र में तकनीकी विशेषज्ञता विकसित करने और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए निवेश कर रही है। इस ब्लॉक के हासिल होने से न केवल कंपनी का राजस्व बढ़ेगा, बल्कि यह भारत की आर्थिक और सामरिक स्थिति को भी मजबूत करेगा। इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है, साथ ही यह क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा देगा। कोल इंडिया की यह पहल न केवल कंपनी के लिए, बल्कि भारत के रणनीतिक खनिज क्षेत्र के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
No comments:
Post a Comment
Blog kaisa laga, please likh kar bataye ♥️